गिड्गिडाते रहे बच्चे के माता पिता, नहीं पसीजा दिल, फाडा पर्चा, हॉस्पिटल से भगाया

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मासूम के लिए काल बन गये डाक्टर शरद गुप्ता, इलाज करने से किया इंकार

इलाज न मिलने की वजह से मजबूरन बच्चे को बरेली लेकर चले गये दम्पति




बदायूं। यूं तो डॉक्टर को धरती का भगवान कहा गया है, लेकिन अपने अहंकार के कारण वही डॉक्टर हैवान बन जाए, तो आप क्या कहेंगे। कुछ ऐसा ही माजरा जिले में डॉक्टर शरद गुप्ता नर्सिंग होम में देखने मिला। डॉक्टर ने मात्र इसलिए इलाज करने से इंकार कर दिया गया। बच्चे के पिता ने डाक्टर के परिचित से उन्हें फोन करवा दिया।
इतना ही नहीं उन्होंने पर्चा फाडऩे के बाद उन्हें हॉस्पिटल से भगा दिया। दम्पति बच्ची का इलाज करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, परंतु डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा, मजबूरन बच्ची के माता पिता उसे बरेली लेकर चले गये।
शहर के मोहल्ला सय्यदबाड़ा निवासी नमन अग्रवाल की पंाच माह की बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई। रविवार और अधिकांश डाक्टरर्स के क्लीनिक हॉट स्पॉट एरिया में होने की वजह से खुले न होने के कारण वह उसावां रोड स्थित डॉक्टर शरद गुप्ता नर्सिंग होम में बच्ची को लेकर पहुंचे। उससे पूर्व नमन अग्रवाल द्वारा अपने एक पचिरित से डॉक्टर के लिए यह जानने को फोन करा दिया गया कि उनके यहंा ओपीडी चल रही है कि नहीं। बच्ची के पिता ने नर्सिंग पहुुंचकर पर्चा बनवाया। जब उनकी बारी और जैसे ही वह डॉक्टर शरद गुप्ता से सक्षम पहुंचे उन्होंने बच्ची के पिता से परिचिय पूंछा। परिचिय मिलने के बाद डॉक्टर ने पर्चे को फाड़ दिया। और इलाज करने से इंकार कर दिया। इस दौरान बच्ची के पिता बच्ची हालत को देखते हुए इजाल के लिए डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाते रहे। साथ ही इलाज न करने का कारण पूंछते रहे, पंरतु डॉक्टर ने उनकी बात का जबाव न देते हुए अपने स्टाफ को आदेश कर हॉस्पिटल से बाहर निकलवा दिया। एक डॉक्टर के हैवाल बनने की वजह से मजबूरन बच्ची के पिता उसे फौरन बरेली लेकर चले गये। वहंा उन्होंने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

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