राष्ट निर्माता का स्थान किसी भी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पद से बड़ा होता है: कोविंद  

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राष्टपति रामनाथ कोविन्द ने आज कानपुर से ‘‘स्वच्छता ही सेवा’’ अभियान का शुभारम्भ किया। यह अभियान दो अक्टूबर तक राष्टीय स्तर पर चलाया जायगा। इस मौके पर उन्होने दूरदर्शन के सजीव प्रसारण के माध्यम से पूरे राष्ट को ‘‘राष्टीय स्वच्छता शपथ’’ दिलायी।
 कानपुर क्रान्ति की धरती रही है। अब स्वच्छता की क्रान्ति की अलख भी इसी धरती से जगनी चाहिये। ये वो शब्द थे जिनके साथ देश के राष्टपति रामनाथ कोविन्द ने आज कानपुर के ईश्वरीगंज गाॅव से ‘‘स्वच्छता ही सेवा’’ अभियान की शुरूआत कर रहे थे। यह गाॅव यूपी का ओडीएफ यानि खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया है। उन्होने कहा कि देश का हर नागरिक राष्ट निर्माता है। नागरिकों में जोश भरने के लिहाज से कोविन्द ने यह भी जोड़ा कि राष्ट निर्माता का स्थान किसी भी राष्टपति और प्रधानमंत्री के पद से बड़ा होता है।
राष्टपति श्री कोविन्द ने एक आर्थिक सर्वे का जिक्र करते हुए कहा कि गन्दगी जनित रोगों से आबादी  बीमार रहती है और जिस देश की आबादी बीमार हो, वहाॅ का आर्थिक विकास पिछड़ जाता है। राष्टपति ने भारत की औसत जीडीपी दर 6 दशमलव 12 प्रतिशत जैसे निचले पायदान पर होने में बीमार आबादी को भी जिम्मेदार बताया। उन्होने खुले में शौच से लोगों के परेशान रहने और मानसिक रोगों से ग्रसित हो जाने की मेडिकल रिपोर्ट का भी उल्लेख किया और कहा कि कारपोरेट जगत अपने सामाजिक सरोकारों को पूरा करने के लिये स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी कि उनकी सरकार बनने के बाद राज्य के गाॅवों में दस लाख शौचालय बनाये जा चुके हैं और साल 2018 की गाॅधी जयन्ती तक 78 लाख शौचालय बनवाकर पूरे राज्य को ओडीएफ यानि खुले में शौच मुक्त राज्य घोषित करेंगें। इसके लिये मुख्यमंत्री ने राज्य की 22 करोड़ जनता से सहयोग माॅगा। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आहवान किया कि घर बनवाते समय अगर स्थान की कमी हो तो भले ही देवालय न बनवायें लेकिन शौचालय जरूर बनावाये।
राष्टपति ने सजीव टीवी प्रसारण के जरिये समूचे देश को ‘‘राष्टीय स्वच्छता शपथ’’ दिलायी। इस अवसर पर राष्टपति ने कानपुर के सात विलेज चैम्पियनों का सम्मान किया जिन्होने 352 परिवारों वाले ईश्वरीगंज गाॅव में 379 शौचालय बनवाने का रिकार्ड कायम किया और इसे ओडीएफ विलेज का दर्जा दिलाया। इन विलेज चैम्पियनों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आयी उन पाॅच हस्तियों को भी सम्मानित किया जिन्होने अपने बलबूते स्वच्छता को जन-आन्दोेलन का रूप दे डाला है। इनमें सुलभ इण्टरनेशनल के जनक डा0 बिन्देश्वरी पाठक, एचएसबीसी की पूर्व निदेशक नैनालाल किदवई के अलावा इन्दौर के गाॅव कोदरिया की महिला सरपंच अनुराधा जोशी, घर में शौचालय बनवाने के लिये भूख हड़ताल करने वाली कर्नाटक की छात्रा लावण्या और कानपुर की एनसीसी कैडेट मानसी द्विवेदी शामिल हैं।
अभियान आरम्भ समारोह में मौजूद केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने स्वच्छता को संस्कारों में ढालने की नसीहत दी और कहा कि स्वच्छता हर नागरिक का अधिकार है तो उसका दायित्व भी। भाजपा के वरिष्ठ नेता व सांसद डा0 मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि गंगा की स्वच्छता के बिना देश को स्वच्छ बनाने का अभियान अधूरा रहेगा।
रिपोर्ट : दिवाकर श्रीवास्तव

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