दादी की रसोई पर हुई जिला स्तरीय बैठक
बदायूं। जनपद बदायूं में बैंकिंग सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न और जटिल समस्याओं के खिलाफ रविवार को एक विशाल जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। शहर के ‘दादी की रसोई’ परिसर में संपन्न हुई इस महाबैठक में जिले भर के विभिन्न बैंकों के सैकड़ों बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट और सीएसपी संचालक एक मंच पर लामबंद नजर आए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा समेत जनपद के लगभग सभी प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों के सीएसपी संचालकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैंकिंग इतिहास में यह पहला अवसर रहा जब सभी बैंकों के संचालक अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एक साथ खड़े दिखाई दिए।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में घर-घर तक वित्तीय सेवाएं पहुंचा रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से मानसिक, प्रशासनिक और आर्थिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। कमीशन में विसंगतियों, तकनीकी बाधाओं और अनावश्यक दबाव के चलते उनका कार्य करना दूभर हो गया है। संचालकों ने एक स्वर में कहा कि अब चुप बैठने का समय बीत चुका है और वे अपनी जायज मांगों के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करेंगे।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि यदि बैंक प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। इस दौरान संगठन को विस्तार देने और आगे की ठोस रणनीति तय करने पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में सीएसपी संचालक व स्थानीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat