Breaking News

दरगाह-ए-आलिया कादरिया पर 28 अक्टूबर से शुरू होगा 185वां उर्स-ए-कादरी

Spread the love

देश-विदेश से जुटेंगे जायरीन
बदायूं। रूहानियत और सूफी परंपरा के प्रमुख केंद्र, विश्व प्रसिद्ध दरगाह-ए-आलिया कादरिया में हुजूर शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय 185वां सालाना उर्स-ए-कादरी बेहद अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। 28 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस सालाना उर्स के मुख्य कार्यक्रम 29 और 30 अक्टूबर को आयोजित किए जाएंगे।
उर्स के तमाम धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम काजी-ए-जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी (सज्जादानशीन खानकाह-ए-आलिया कादरिया) की सरपरस्ती तथा हजरत मौलाना फज़ल-ए-रसूल मोहम्मद अज्जाम मियां कादरी की निगरानी में संपन्न होंगे।
खानकाह की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, उर्स की शुरुआत 28 अक्टूबर बुधवार से होगी। मुख्य कार्यक्रमों के तहत 29 अक्टूबर को बाद नमाज जोहर विभिन्न तकरीबात का आयोजन होगा, जिसके उपरांत अकीदतमंदों को मुकद्दस तबर्रुकात और शाही जियारत कराई जाएगी। इसके बाद बाद नमाज ईशा आलमी पैमाने पर ‘कादरी मजलिसी कॉन्फ्रेंस’ आयोजित की जाएगी, जिसमें उलमा-ए-किराम और दानिश्वर हजरत के जीवन और उनकी तालीमात पर रोशनी डालेंगे। 30 अक्टूबर को बाद नमाज फज्र कुल की फातिहा और मुल्क में अमन-चैन की दुआ के साथ तीन दिवसीय उर्स का विधिवत समापन होगा।
खानकाह आलिया कादरिया के प्रवक्ता मोहम्मद तनवीर खान कादरी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि हर साल की तरह इस बार भी देश के कोने-कोने से हजारों की तादाद में जायरीन बदायूं पहुंचेंगे। उर्स, खानकाह व मदरसा आलिया कादरिया के नाजिम हाफिज अब्दुल कय्यूम कादरी ने जानकारी दी कि दरगाह में आने वाले जायरीनों के ठहरने, लंगर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को असुविधा न हो।
साहिबे उर्स हजरत शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह अपने दौर के अजीम सूफी और रूहानी रहनुमा थे। 1765 ईस्वी में जन्मे हजरत ने अपनी पूरी जिंदगी इबादत-ओ-रियाजत और इंसानियत की रहनुमाई में गुजारी। उनका विसाल 17 मुहर्रम 1263 हिजरी को हुआ था।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

विधायक हरीश शाक्य के आवास पर पाल और जाटव समाज की संयुक्त संगोष्ठी

Spread the love बिल्सी। विधायक हरीश शाक्य के आवास पर रविवार को पाल और जाटव …