बिसौली। इंडोनेशिया के जकार्ता स्थित होटल शांगरी-ला में आयोजित ‘एजुकेशन इंटरनेशनल एशिया पैसिफिक’ की 10वीं रीजनल कॉन्फ्रेंस में भारत का मान बढ़ाने वाले शिक्षक प्रतिनिधिमंडल के स्वदेश लौटने पर क्षेत्र व शिक्षक समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के लगभग 35 देशों से आए 400 से अधिक शिक्षाविदों व प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। भारत का प्रतिनिधित्व ‘ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन’ के राष्ट्रीय महामंत्री सी.एल. रोज के नेतृत्व में 8 सदस्यीय दल ने किया। दल में शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व AIFTO के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, सलाउद्दीन, सोहन लाल, माधुरी रोज, पूर्णिमा गोस्वामी और लक्ष्मी शामिल रहे।
भारतीय दल ने वैश्विक मंच पर मजबूत सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली, उच्च शिक्षा में स्वायत्तता, शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, लैंगिक समानता, जलवायु परिवर्तन, शिक्षकों की कमी और शैक्षिक नवाचार जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार साझा किए। एजुकेशन इंटरनेशनल एशिया पैसिफिक के रीजनल डायरेक्टर आनंद सिंह ने विगत तीन वर्षों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए भारत में आयोजित ‘राष्ट्रीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला मथुरा’ की विशेष सराहना की।
स्वदेश वापसी पर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक मंच पर शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार पर गहरी छाप छोड़ी है, जो पूरे देश के शिक्षकों के लिए गौरव का क्षण है।
Budaun Amarprabhat