बिसौली के वर्ष 2014 के मामले में अदालत ने सुनाई सजा, एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
बदायूं,। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने चोरी का सामान रखने के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त सौदान सिंह को दो वर्ष के साधारण कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, अदालत ने इसी मामले में लूट के आरोप से सौदान सिंह समेत तीन अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया।
पुलिस के अनुसार, थाना बिसौली में वर्ष 2014 में मुकदमा अपराध संख्या 339/2014 धारा 392 और 411 भारतीय दंड संहिता के तहत सौदान सिंह पुत्र रूप सिंह निवासी ग्राम पलिया मेहंदी, थाना सिविल लाइंस, बदायूं, खुशीराम पुत्र रोशन सिंह निवासी ग्राम इकलहरी, थाना सिविल लाइंस और गुलजारी पुत्र रामदास निवासी परसैरा, थाना बिसौली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले की मॉनीटरिंग सेल और थाना बिसौली के पैरोकार हेड कांस्टेबल जयप्रकाश ने अभियोजन विभाग के समन्वय से प्रभावी पैरवी की।
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-09/एनडीपीएस कोर्ट, बदायूं ने सौदान सिंह को धारा 411 भादवि के तहत दोषसिद्ध कर दो वर्ष के साधारण कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, धारा 392 भादवि के आरोप में सौदान सिंह, खुशीराम और गुलजारी को दोषमुक्त कर दिया।
मामले में पैरवी करने वाले हेड कांस्टेबल जयप्रकाश, लोक अभियोजक सुधीर कुमार मिश्रा और विवेचक उपनिरीक्षक रामखिलौना के योगदान को पुलिस ने सराहनीय बताया।
Budaun Amarprabhat