बदायूं। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं के कुशल पर्यवेक्षण में की गई सशक्त पैरवी के फलस्वरूप माननीय न्यायालय (जेएम-प्रथम, बदायूं) ने चोरी के 18 वर्ष पुराने मामले में दो अभियुक्तों को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास तथा कुल ₹4,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना उझानी पर वर्ष 2008 में पंजीकृत मु०अ०सं० 2092/2008 धारा 380/411 भादवि के तहत अभियुक्त अरविंद पुत्र सूरजपाल सिंह (निवासी भट्टा नगला कछला) एवं रिंकू उर्फ विनीत पुत्र नेम सिंह (निवासी मुराव नगला कछला, थाना उझानी) के विरुद्ध आरोप पत्र तत्कालीन उप निरीक्षक काली चरन द्वारा न्यायालय में दाखिल किया गया था।
इस मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्राथमिकता पर लेते हुए जनपद मॉनिटरिंग सेल तथा थाना उझानी के पैरोकार कांस्टेबल राहुल कुमार ने अभियोजन विभाग के साथ समन्वय बनाकर न्यायालय में प्रभावी साक्ष्य व गवाही प्रस्तुत कराई। अभियोजन की मजबूत दलीलों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की।
इस सफल विधिक कार्यवाही में पैरोकार कांस्टेबल राहुल कुमार, लोक अभियोजक अनूप सिंह तथा तत्कालीन विवेचक उप निरीक्षक काली चरन का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
Budaun Amarprabhat