बदायूं। समाजवादी पार्टी द्वारा आगामी प्रस्तावित दलित सम्मेलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन बदायूं पहुंचे। उन्होंने जिला कार्यालय पर पार्टी पदाधिकारियों एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक बैठक कर सम्मेलन की रूपरेखा पर मंथन किया और गांव-गांव जनसंपर्क कर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि समाजवादी पार्टी बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों, सामाजिक समरसता और संविधान में निहित अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए दलित समाज को शिक्षा, रोजगार, सम्मान और समान अवसर मिलना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता ही सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा देगी।
सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए संगठन पूरी गंभीरता से जुटा है। बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां सौंपकर सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। वहीं, शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव ने कहा कि वंचितों, शोषितों और दलितों की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाना ही जनप्रतिनिधियों का मुख्य कर्तव्य है। यह सम्मेलन समाज को हक और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का बड़ा जरिया बनेगा।
सपा के वरिष्ठ नेता फखरे अहमद शोबी ने कहा कि पीडीए की सोच भाईचारे और समान भागीदारी की नींव पर टिकी है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख खजाना देवी ने दलित समाज की महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन आमिर सुल्तानी ने किया।
इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेश पाल सिंह चौहान, सतीश प्रेमी, रजनीश गुप्ता, डॉ. शकील अहमद, सुनील यादव, ऋषिपाल दिवाकर, सुनीता पाल, अशोक यादव, राम मोहन सिंह, सतीश यादव, सुरेंद्र यादव, वीरेंद्र गौतम, वीरेंद्र जाटव, सी.एल. गौतम, हर्षवर्धन लोधी, मोरपाल जाटव, राजाराम दिवाकर, रामबाबू जाटव, भूपेंद्र दिवाकर, जितेश मी लाल, धर्मपाल बाल्मीकि, शेखर बाल्मीकि, नूर अफशां और संतोष कश्यप सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat