जनहित सत्याग्रह मोर्चा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
बदायूं। जनहित सत्याग्रह मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और आंदोलनों के दौरान कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान मोर्चा अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के प्रतिनिधि डॉ. सतीश ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र-युवा संगठनों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए परिवहन साधनों पर रोक लगाई गई और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों पर लाठीचार्ज किया गया और हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन की अनुमति बहाल करने की मांग की।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने, विरोध प्रदर्शनों के दौरान दमनात्मक कार्रवाई रोकने और मतदाता सूची से कथित रूप से गलत तरीके से बाहर किए गए नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई।
इस दौरान प्रेमपाल सिंह, डॉ. सतीश, कृष्ण गोपाल, आरके जौहरी, एडवोकेट पवन गौतम, एडवोकेट योगेश, एडवोकेट सीएल गौतम, बाबूराम, राजेश कुमार सक्सेना और चरन सिंह यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat