रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और कॉलोनियों में कचरे के पृथक्करण के लिए चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
बरेली, 15 अक्टूबर। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुपालन को लेकर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मंडल रेल प्रबंधक वीणा सिन्हा के मार्गदर्शन में रेल परिसरों में कचरे के उचित पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण और कर्मचारियों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
अभियान के तहत रेलवे कर्मचारियों, ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ, पैंट्री एवं कैटरिंग कर्मचारियों, स्टेशन वेंडरों और ठेकेदारों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों, कचरे के पृथक्करण, थोक अपशिष्ट उत्पादकों के दायित्वों और नियमों के उल्लंघन पर लागू प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। रेलवे स्टेशनों, कॉलोनियों और कार्यालयों में जागरूकता पोस्टर लगाने के साथ स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
रेलवे के अनुसार, स्टेशनों, ट्रेनों, पैंट्री और रेलवे कॉलोनियों में कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग रखने की व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनमें गीला कचरा, जैसे खाद्य एवं रसोई अपशिष्ट; सूखा कचरा, जैसे प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच; सैनिटरी कचरा, जैसे डायपर और सैनिटरी नैपकिन; तथा विशेष देखभाल वाला कचरा, जैसे बैटरी, बल्ब और एक्सपायरी दवाएं शामिल हैं।
संबंधित कर्मचारियों को कचरा उत्पन्न होने के स्थान पर ही उसका पृथक्करण करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही सैनिटरी और विशेष श्रेणी के कचरे के सुरक्षित संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, कार्यशालाओं, रेलवे चिकित्सालय और कॉलोनियों में थोक अपशिष्ट उत्पादकों की पहचान कर नियमानुसार पंजीकरण की कार्रवाई भी की जा रही है। रेलवे का उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ठोस कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
Budaun Amarprabhat