बदायूँ। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के अंतर्गत बदायूँ पुलिस को अभियोजन में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण व प्रभावी पैरवी के चलते पॉक्सो कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के कुल अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना बिल्सी क्षेत्र का है। वर्ष 2018 में ग्राम हैदलपुर निवासी पुष्पेंद्र पुत्र नेत्रपाल के विरुद्ध नाबालिग से दुष्कर्म और बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में मुकदमा अपराध संख्या 553/18 धारा 363, 366, 376(3) भादवि व धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक सुखवीर सिंह ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित इस मुकदमे में मॉनीटरिंग सेल, पैरोकार कांस्टेबल माधव तथा विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी द्वारा न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत कर सशक्त पैरवी की गई।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) ने अभियुक्त पुष्पेंद्र को धारा 376(1) भादवि में 10 वर्ष के कठोर कारावास व ₹20,000 अर्थदंड, धारा 363 भादवि में 3 वर्ष के कारावास व ₹5,000 अर्थदंड तथा धारा 366 भादवि में 5 वर्ष के कारावास व ₹5,000 अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। अभियुक्त की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
Budaun Amarprabhat