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आसिम सिद्दीकी मेमोरियल डिग्री कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया सर सैयद डे

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शिक्षा, सामाजिक सुधार और आधुनिक विचारधारा के प्रतीक सर सैयद अहमद खान के योगदान को किया गया याद

बदायूं। 17 अक्टूबर को आसिम सिद्दीकी मेमोरियल डिग्री कॉलेज में महान शिक्षाविद्, समाज सुधारक एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की जयंती के अवसर पर सर सैयद डे बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, आपसी सौहार्द और आधुनिक विचारधारा के महत्व पर चर्चा की गई। समारोह में शिक्षा जगत से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर मोहम्मद खालिद साहब, डीन ऑफ फैकल्टी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), अलीगढ़ रहे। वहीं, प्रोफेसर जावेद तालिब साहब ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। दोनों शिक्षाविदों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम के आयोजक सलमान अहमद साहब, हम्मी साहब तथा डॉ. इत्तेहाद आलम साहब रहे। आयोजन को सफल बनाने में आसिफ साहब, शिक्षक शारिक तथा डॉ. शारिक हनीफ सलीम उद्दीन एडवोकेट, डॉ.यूसुफ साहब , डॉ. सबीह खान ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट गौहर अली साहब ने की, जबकि मंच का कुशल संचालन अहमद मुजतबा साहब ने किया।

समारोह में अनवर आलम साहब, जनाब शहंशाह साहब, जनाब अमीरुल साहब, डॉ. रितु चंद्रा और डॉ. कुमार वासु सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के शामिल होने से कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया।

सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक योगदान को किया गया याद

कार्यक्रम में सर सैयद अहमद खान के जीवन, उनके विचारों और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सर सैयद अहमद खान ने ऐसे समय में शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज को आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक सोच की सबसे अधिक आवश्यकता थी। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक एवं बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम बनाया और लोगों को ज्ञान, तर्कशीलता तथा प्रगतिशील विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वक्ताओं ने कहा कि सर सैयद अहमद खान का मानना था कि किसी भी समाज की तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकता है और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि सर सैयद डे मनाने का उद्देश्य केवल एक महान व्यक्तित्व को याद करना नहीं, बल्कि उनके शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाना भी है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए, आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को अपनाए और समाज के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।

शिक्षा और सामाजिक विकास पर दिया गया जोर

समारोह के दौरान शिक्षा के प्रसार, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक जागरूकता तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को शिक्षा के महत्व को समझने तथा सर सैयद अहमद खान के आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान किया।

आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, शिक्षाविदों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपने महान पूर्वजों के विचारों और आदर्शों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आसिम सिद्दीकी मेमोरियल डिग्री कॉलेज में आयोजित यह समारोह सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक मिशन, आधुनिक सोच और सामाजिक सुधार के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा। कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता ने समारोह को यादगार बना दिया।


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