बदायूं। राष्ट्रीय सूचना अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में जन दृष्टि द्वारा शहर के मालवीय आवास गृह पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र राग “रघुपति राघव राजा राम…” का संकीर्तन कर कानून को कमजोर करने वाले अधिकारियों व सूचना आयुक्तों की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट ने कहा कि वर्ष 2005 में आरटीआई लागू होने के बाद नागरिकों को पहली बार अहसास हुआ कि वे देश के असली मालिक हैं। इस कानून ने आम जनता को वही ताकत दी जो सांसदों और विधायकों के पास थी। दो दशकों में इसके जरिए व्यवस्था में बड़े बदलाव आए, लेकिन नौकरशाही इसे लगातार निष्प्रभावी बनाने में जुटी है। बिना प्रभावी सूचना अधिकार के सुशासन (गुड गवर्नेंस) की कल्पना अधूरी है।
राठौड़ ने प्रशासनिक तंत्र पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि समाधान दिवस, किसान दिवस और ऑनलाइन पोर्टल होने के बावजूद अधिकारी जनसमस्याओं के वास्तविक समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। शिकायतों की फर्जी आख्या लगाकर फाइलों का केवल निस्तारण किया जाता है। उन्होंने गौशालाओं में गोवंश की दुर्दशा पर चिंता जताई और पशु चिकित्सा विभाग के कार्मिकों की संपत्तियां सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही रामलीला की अनुमति के नाम पर रिश्वत मांगने वाले कार्मिक का केवल तबादला करने पर ऐतराज जताते हुए तत्काल निलंबन और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई।
केंद्रीय कार्यालय प्रभारी रामगोपाल ने कहा कि आरटीआई कानून आमजन का सबसे मजबूत हथियार है, जिससे धैर्यपूर्वक लड़ाई लड़कर भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है। इस दौरान मार्गदर्शक धनपाल सिंह, संरक्षक एम.एल. गुप्ता, सुरेशपाल सिंह चौहान, प्यारेलाल, कृष्ण गोपाल, राजपाल सिंह, नेत्रपाल और राजीव कुमार भारद्वाज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat