आसफपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) आसफपुर परिसर में क्षेत्रीय महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन बुधवार को 8वें दिन भी जारी रहा। ‘समान कार्य-समान वेतन’ और सेवाओं के स्थायीकरण की प्रमुख मांगों को लेकर आशा बहुएं और संगिनियां 7 अक्टूबर से लगातार धरने पर बैठी हैं।
धरना स्थल पर मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि वे ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। टीकाकरण, प्रसव और जच्चा-बच्चा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अग्रिम पंक्ति में रहकर काम करने के बावजूद सरकार उन्हें उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं, आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
इस अनिश्चितकालीन प्रदर्शन में क्षेत्र के बड़े गांवों से पहुंची महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने हिस्सा लिया। धरने में लक्ष्मीपुर से जयश्री, अल्हापुर खुर्द से शारदा यादव, परमानंदपुर से रजनी, पुरवा खेड़ा से अंजना शर्मा सहित सुनहरी, सरस्वती, कुसुमलता, रीना, ज्ञानवती, रजनेश, हरप्यारी, अनुराधा सक्सेना, वाला यादव, गीता देवी, मंजू, आरती सक्सेना, इंदिरा सिंह, सुधा, रेखा, अर्चना यादव, पूनम, मीरा, कविता, शशि प्रभा, अनीता और रिंकी समेत बड़ी संख्या में आशा व संगिनी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। लगातार चल रहे धरने से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।
Budaun Amarprabhat