मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की ओर से जुलाई 2024 बैच के पीएचडी स्कॉलर्स इंडक्शन प्रोग्राम में रिसर्च की प्राथमिकताएं बताई गईं। नए शोधार्थियों को फैलोशिप से भी अपडेट किया गया। उल्लेखनीय है, फैलोशिप के लिए यूनिवर्सिटी प्रति माह 25 से 30 हजार का भुगतान करती है। पीएचडी स्कॉलर्स को संबोधित करते हुए वीसी प्रो. वीके जैन ने कहा, रिसर्च फोकस का सब्जेक्ट है। इससे घबराएं नहीं। रिसर्च टाइम मैनेजमेंट पर बोले, यदि आपने रिसर्च इंट्रेस क्वालीफाई कर लिया है तो आप 10 प्रतिशत रिसर्च कार्य कर चुके हैं। अगर कोर्स वर्क पूरा कर लेते हैं तो यह मानिए कि आपकी पीएचडी 25 प्रतिशत तक हो चुकी है। लिटरेचर रिव्यू-एलआर के लिए आपको छह माह का समय मिलेगा, जिसमें आपको अधिक से अधिक शोधों का अध्ययन करना होगा। वीसी प्रो. जैन ने शोधार्थियों से शोधगंगा वेबसाइट पर अपने टॉपिक से जुड़े दीगर शोधों का अध्ययन करने का भी सुझाव दिया। इससे पूर्व न्यू एलटी में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके इंडक्शन प्रोग्राम का शंखनाद किया। संचालन यूनिवर्सिटी के रिसर्च कोर्डिनेटर डॉ. सतेन्द्र आर्य ने किया।
पीएचडी स्कॉलर्स को वीसी के अलावा डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, टिमिट के डायरेक्टर प्रो. विपिन जैन, सीसीएसआईटी के निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी, इंडक्शन प्रोग्राम की कन्वीनर एवम् पीएचडी सेल की एसोसिएट डीन डॉ. ज्योति पुरी, ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. वैभव रस्तौगी, टीएमयू की मुख्य लाइब्रेरियन डॉ. विनीता जैन, एसोसिएट डीन आर एंड डी प्रो. पीयूष मित्तल ने अपने-अपने क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया। इन्होंने आईपीआर, रिसर्च ट्रेंडस, रिसर्च पब्लिकेशंस, पीएचडी प्रक्रिया के मानकों के संग-संग टीएमयू की अब तक की विकास यात्रा के बारे में बताया। इंडक्शन प्रोग्राम में 60 से अधिक शोधर्थियों ने भाग लिया। इस प्रोग्राम में प्रो. प्रदीप तांगडे, प्रो. नवनीत कुमार, डॉ. रूचिकांत, डॉ. अमित कंसल, डॉ. प्रतिभा शर्मा आदि की भी गरिमामयी मौजूदगी रही।
Check Also
बदायूं में जनगणना-2027 का प्रथम चरण तेज़ी से जारी
Spread the love6,082 प्रगणक और 1,014 पर्यवेक्षक घर-घर पहुंचकर कर रहे डिजिटल गणना, 2,729 हाउस …
Budaun Amarprabhat