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इन्नोवेशन से बदलेगी दुनिया की सूरत-सीरत

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तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- सीसीएसआईटी में सिस्टम मॉडलिंग एंड एडवांसमेंट इन रिसर्च ट्रेंड्स- स्मार्ट-2025 पर दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आगाज़

ख़ास बातें
अमेरिका तक का 14 घंटे का सफर एक घंटे में पूरा हो सकेगाः प्रो. टंकेश्वर
प्रो. अरूण कुमार बोले, वैश्विक उड़ान के लिए स्टुडेंट्स को बैरियर तोड़ने होंगे
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही हमारा स्वर्णिम भविष्यः प्रो. जे. रामकुमार
युवा सावधानीपूर्वक और स्मार्टली करें एआई का उपयोगः टीएमयू वीसी
डीन प्रो. मंजुला जैन बोलीं, समाज में बदलाव के लिए सोच और शोध जरूरी
कॉन्फ्रेंस को 550 रिसर्च पेपर्स आए, लेकिन 98 शोध पत्रों को मिली स्वीकृति


मुरादाबाद। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा के वाइस चांसलर प्रो. टंकेश्वर कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इन्नोवेशन, सिस्टम मॉडलिंग पर बोलते हुए कहा, करीब पांच दशक की विकास यात्रा में सिस्टम मॉडलिंग भौतिक विज्ञान के संग-संग दुनिया की सभी तकनीकों में अपनी गहरी पैठ बना चुका है। यह किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इसे बहुआयामी तकनीक करार देते हुए कहा, हिंदुस्तान से अमेरिका तक का 14 घंटे का सफर महज एक घंटे में पूरा हो सकेगा। प्रो. टंकेश्वर कुमार तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी- सीसीएसआईटी में सिस्टम मॉडलिंग एंड एडवांसमेंट इन रिसर्च ट्रेंड्स- स्मार्ट-2025 पर दो दिनी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के शुभारम्भ मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के संग ऑडी में 14वीं इटरनेशनल कॉन्फ्रेंस- स्मार्ट- 2025 का शंखनाद हुआ। इस मौके पर प्रो. टंकेश्वर कुमार बतौर मुख्य अतिथि, आईआईटी रूड़की के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. अरूण के. सराफ और आईआईटी कानपुर के प्रो. जे. रामकुमार बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर, आईईटी जीएलए यूनिवर्सिटी के डीन प्रो. दिलीप के. शर्मा, माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी, कटरा में स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रो. मनोज कुमार गुप्ता बतौर की-नोट स्पीकर, वाइस चांसलर प्रो. वीके जैन, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन एवम् कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर प्रो. आरके द्विवेदी की गरिमामयी मौजूदगी रही।

वाइस चांसलर प्रो. टंकेश्वर कुमार बोले, नई टेक्नोलॉजी विशेषकर एआई ने हमारे सोचने के तौर-तरीके बदल दिए हैं। अब पहले हमारे पास सवालों से अधिक जवाब के प्लेटफॉर्म्स हैं। वास्तव में इन्नोवेशन डवलपमेंट का इंजन है। इसकी वजह से पुरानी चीजों की विदाई हो रही है और तेजी से नई तकनीकों का स्वागत हो रहा है। मोबाइल का उदाहरण देते हुए कहा, तकनीकी एडवांसमेंट की बदौलत डिवाइसेज़ का उपयोग बहुउपयोगी हो गया है। इससे पूर्व सभी अतिथियों का बुके देकर गर्मजोशी से स्वागत और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। शुभारम्भ सत्र में कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग का विमोचन भी हुआ। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में स्मार्ट सोल्यूशंस थ्रू स्मार्ट टेक्नोलॉजीज़ फॉर ए सस्टनेबल फ्यूचर थीम पर वक्ताओं ने अपने-अपने सारगर्भित विचार साझा किए। आईआईटी रूड़की के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. अरूण के. सराफ ने कहा, वैश्विक उड़ान के लिए स्टुडेंट्स को बैरियर तोड़ने होंगे। ग्लोबल नेविगेशन सिस्टम पर बोलते हुए कहा, वर्तमान में लोकेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। गूगल मैप के संग-संग भारत में विकसित नेविगेशन सिस्टम- नाविक भी कमतर नहीं है। आईआईटी कानपुर के प्रो. जे. रामकुमार ने इन्नोवेशन और एआई पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा, समस्या के समाधान के लिए उसकी पहचान जरूरी है। इसके लिए इन्नोवेशन एक महत्वपूर्ण टूल है। साथ ही एआई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बोले, एआई ही हमारा स्वर्णिम भविष्य है।

टीएमयू के वाइस चांसलर प्रो. वीके जैन ने बेसिक्स को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बदलती रहती है, लेकिन बेसिक्स वहीं रहते हैं। उन्होंने स्टुडेंट्स को अलर्ट करते हुए कहा, एआई का प्रयोग सावधानीपूर्वक और स्मार्टली करना चाहिए। जीवन की सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन बोलीं, समाज में बदलाव के लिए सोच और शोध जरूरी है। लगन से ही ज्ञान का दीपक जलता है। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन एवम् कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर प्रो. आरके द्विवेदी स्मार्ट कॉन्फ्रेंस की थीम प्रस्तुत करते हुए बोले, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी शोध को लेकर बेहद संजीदा है। टीएमयू वैश्विक मानकों पर ही शोध को परखती है। बोले, इस बार स्मार्ट में करीब 550 से अधिक रिसर्च पेपर प्रस्तुति के लिए आए, लेकिन निर्णायक मंडल ने 98 रिसर्च पेपर को प्रस्तुति के लिए मान्यता दी। उन्होंने यूनिवर्सिटी के आदर्श वाक्य- सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चरित्र को अपनाने पर जोर दिया। स्मार्ट- 2025 में प्रो. हरबंश दीक्षित, प्रो. एसके सिंह, प्रो. एमपी सिंह, प्रो. अनुराग वर्मा, प्रो. पीके जैन, डॉ. ज्योति पुरी, डॉ. अलका अग्रवाल, प्रो. पंकज कुमार सिंह, प्रो. आशेन्द्र कुमार सक्सेना, डॉ. शंभु भारद्वाज, डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. शालिनी निनोरिया, श्री प्रदीप गुप्ता, श्री नवनीत विश्नोई, डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. रूपल गुप्ता, डॉ. नमित गुप्ता, श्री मोहन विशाल गुप्ता, श्री ज्योति रंजन लाभ, श्री मनीष तिवारी, श्री अजय रस्तोगी, डॉ. रंजना शर्मा, श्री हरजिंदर सिंह, श्री ब्रहमदत्त गौड़ आदि की मौजूदगी रही। कॉन्फ्रेंस का समापन राष्ट्रगान के संग हुआ। संचालन स्टुडेंट्स- मिसबा तैयब, प्रत्यक्षा, गौरवी प्रजापति ने किया।


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