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उसावां (बदायूं)। कस्बा उसावां में होली चौक पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में गुरुवार को हिंदू समाज के लोगों ने बाजार बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने होली चौक को अतिक्रमण मुक्त कराने और सार्वजनिक स्थल की मूल स्थिति बहाल करने की मांग की। धरने के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी, हिंदू संगठनों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया और अधिशासी अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल कार्यकर्ताओं और वर्तमान चेयरमैन के पति अनिल प्रताप सिंह चौहान और पूर्व चेयरमैन धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू गुप्ता भी आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे धरना स्थल पर कुछ देर के लिए माहौल और गरमा गया। पुलिस अधिकारियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में रखा।
धरना दे रहे लोगों का कहना था कि होली चौक कस्बे की पहचान और आस्था से जुड़ा सार्वजनिक स्थल है, जिस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर कथित अवैध कब्जा हटाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान ईओ देवेन्द्र प्रताप गौतम ने धरने पर पहुंचे जहां प्रदर्शनकारियों ने ईओ का जमकर विरोध किया और बिना किसी जवाबदेही के वापस लौट गए।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन धरना खत्म न होता देख पुलिस पूरे समय सतर्क रही और सुरक्षा व्यवस्था संभाले रखी, जिससे कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर कस्बे में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी रही।
इसके बाद विधायक दातागंज *राजीव कुमार सिंह उर्फ बब्बू भैया* के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया।
सीओ दातागंज *राहुल पांडे*, एसडीएम दातागंज *प्रेमपाल सिंह* के नेतृत्व में चार थानों की फोर्स व नगर पंचायत प्रशासन की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जा हटाया गया और होली चौक की जगह को कब्जा मुक्त कराया गया। विधायक के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
Budaun Amarprabhat