बदायूँ। प्रदेश में मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, जैन एवं पारसी समुदाय के शैक्षिक और आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से स्थापित अल्पसंख्यक कल्याण विभाग विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रहा है। विभाग का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के पिछड़ेपन को दूर कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। जनपद बदायूँ में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी लगभग 23.95 प्रतिशत है, जिसके मद्देनजर विभाग द्वारा कई विकासपरक परियोजनाएं संचालित की गई हैं।
पीएमजेवीके योजना के तहत हुए महत्वपूर्ण निर्माण कार्य
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) (पूर्ववर्ती एमएसडीपी) योजना के अंतर्गत राज्य एवं केंद्र सरकार के सहयोग से जनपद में कई महत्वपूर्ण शैक्षिक एवं तकनीकी संस्थानों का निर्माण कराया गया। वित्तीय वर्ष 2018-19 में राजकीय पॉलीटेक्निक सहसवान पर 12.30 करोड़ रुपये, आईटीआई बिसौली पर 4.97 करोड़ रुपये तथा राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, नसीरपुर टप्पा मलसई पर 3.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूर्ण कराकर उन्हें संचालित किया गया।
विद्यालयों में स्थापित किए गए स्मार्ट क्लास
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनपद के 13 प्राथमिक एवं उच्च विद्यालयों में 39.62 लाख रुपये की लागत से 26 स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
तकनीकी शिक्षा संस्थानों का हुआ विस्तार
इसी अवधि में आईटीआई रमज़ानपुर पर 5.02 करोड़ रुपये, आईटीआई जौनेरा/नदायल पर 5.05 करोड़ रुपये तथा राजकीय पॉलीटेक्निक बदायूँ में दो टाइप-4 आवास एवं लेक्चर हॉल के निर्माण पर 2.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर संस्थानों को हस्तगत कराते हुए उन्हें क्रियाशील बनाया गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना है, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
Budaun Amarprabhat