संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूँ। मोहल्ला कृष्णापुरी स्थित श्री जी रिसॉर्ट में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का परीक्षित मोक्ष प्रसंग के साथ विधिवत समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास गोपाल शरण महाराज ने कहा कि भगवान को अहंकार से नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति से पाया जा सकता है। अहंकार व्यक्ति को प्रभु की कृपा से दूर कर देता है। जहाँ अहंकार आ जाता है, वहाँ भगवान की कृपा समाप्त होने लगती है। उन्होंने कहा कि सुदामा जैसे भक्त का जीवन हमें विनम्रता और निष्काम भक्ति का संदेश देता है।
कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। वेदियों का पूजन उमेश शास्त्री ने विधिविधान से संपन्न कराया, जबकि कथा का संचालन कामेश पाठक ने किया।
आयोजन में श्री जी रिसॉर्ट के मालिक विशाल मौर्य, डॉ. उपासना मौर्य, दीपमाला सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे। कथा के समापन के बाद आरती की गई। इसके पश्चात समिति पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अगले दिन (आज) आयोजित होने वाले भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया।
Budaun Amarprabhat