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लखनऊ में लिखी गई बदायूँ फतह की स्क्रिप्ट, अखिलेश ने लिया चुनावी फीडबैक

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सपा मुखिया ने बदायूँ के दिग्गजों संघ की मैराथन बैठक; पुराने चेहरे दिखे ‘साइड’ तो नए चेहरों को मिली ‘तवज्जो’
बदायूँ/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में जब भी चुनावी बिगुल फुकता है, तो समाजवादी पार्टी की रणनीति की स्क्रिप्ट लखनऊ और सैफई में ही तैयार होती है। मैनपुरी, इटावा, कन्नौज और आजमगढ़ की तरह बदायूँ भी सपा का अभेद्य गढ़ माना जाता रहा है। इसी क्रम में ‘मिशन 2027’ के फतह की नींव रखने के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अभी से बिसात बिछानी शुरू कर दी है। सोमवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय पर बदायूँ जनपद की राजनीति को लेकर एक हाईप्रोफाइल विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें खुद अखिलेश यादव ने बदायूँ के जनप्रतिनिधियों और संगठन के पेंच कसे।
सपा मुखिया अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव, बदायूँ के वर्तमान सांसद आदित्य यादव, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव और पूर्व जिला अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव समेत जिले के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने बदायूँ की सभी विधानसभा सीटों की वन-टू-वन समीक्षा की। इस दौरान वर्ष 2017 व 2022 के विधानसभा चुनाव और 2019 व 2024 के लोकसभा चुनाव के बूथवार व जातिगत आंकड़ों पर गहन मंथन हुआ। भावी प्रत्याशियों को लेकर भी तुलनात्मक चर्चा की गई।
बैठक में बदायूँ जनपद से भारी संख्या में नेता और कार्यकर्ता लखनऊ पहुँचे थे। ‘मिशन 2027’ की आहट पाते ही विधानसभा चुनाव के दावेदारों की फौज भी अपनी हाजिरी लगाने पहुँची। टिकट के तलबगार नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए पूरे समय सपा मुखिया अखिलेश यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव और सांसद आदित्य यादव के इर्द-गिर्द घूमते और सेल्फी खिंचवाकर अपनी नजदीकी साबित करने की होड़ में दिखे।
लखनऊ में हुई इस राजनैतिक बैठक के भीतर और बाहर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। जिले की राजनीति में लंबे समय से जमे कई पुराने चेहरे इस बार थोड़े ‘साइड’ लाइन नजर आए, जबकि संगठन में ऊर्जा भरने के लिए नए चेहरों को खास तवज्जो दी गई, जो जनपद की भावी राजनीति के बड़े संकेत हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े कुनबे ‘समाजवादी परिवार’ का बदायूँ से बेहद भावुक और पुराना रिश्ता रहा है। इस धरती से खुद सपा संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ चुके हैं। उनके बाद धर्मेंद्र यादव यहाँ से दो बार सांसद रहे और वर्तमान में शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव यहाँ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यही वजह है कि बदायूँ को सपा का गढ़ कहा जाता है। आगामी 2027 के चुनाव में बदायूँ की सभी सीटों पर परचम लहराना सपा के लिए बड़ी चुनौती और साख का सवाल है, जिसकी कमान अब खुद अखिलेश यादव ने अपने हाथ में ले ली है।


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