
मुरादाबाद। एनआईआईटी फाउंडेशन के एग्जिक्यूटिव ट्रेनर श्री अनुज कुमार सिंह ने कहा, डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने साइबर हमलों, फिशिंग, डेटा चोरी और सोशल इंजीनियरिंग सरीखी चुनौतियों से बचाव के व्यावहारिक उपायों को उदाहरण सहित समझाया। श्री सिंह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट- सीटीएलडी एवम् एनआईआईटी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में साइबर अवेयरनेस एआई बेसिक एवम् एआई एसेंशियल्स फॉर द डिजिटल एज पर आयोजित एफडीपी-फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम में बतौर एक्सपर्ट बोल रहे थे। सीनियर मास्टर ट्रेनर श्री राघवेन्द्र पाण्डेय ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बदलते परिदृश्य, शिक्षा में उसके अनुप्रयोग तथा जिम्मेदार एआई उपयोग पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। वैलेडिक्टरी सत्र में प्रतिभागियों के फीडबैक पर सफल होने वाले प्रतिभागियों को एनआईआईटी फाउंडेशन की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

एफडीपी में दीगर वक्ताओं ने साइबर सुरक्षा, डिजिटल जोखिम, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, डेटा सुरक्षा, साइबर हाइजीन, एआई टूल्स के प्रभावी उपयोग और डिजिटल युग में सुरक्षित कार्यप्रणाली के विभिन्न आयामों पर गहनता से समझाया। सीटीएलडी निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल दक्षता और साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रत्येक शिक्षक की व्यावसायिक आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने हेतु सतत क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। कार्यक्रम में सीसीएसआईटी के वाइस प्रिंसिपल डॉ. प्रभात की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। एफडीपी में वरिष्ठ प्रशिक्षक- श्री प्रदीप पंवार, डॉ. दिलीप दत्त वार्ष्णेय के संग-संग विभिन्न संकायों के करीब 40 से अधिक फैकल्टीज मौजूद रही।
Budaun Amarprabhat