तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में अमिता जैन 2017 से 2022 तक बीबीए एलएलबी-ऑनर्स की रही हैं स्टुडेंट्स, कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने उम्मीद जताई, अमिता जैन भविष्य में न्यायिक सेवाओं की कसौटी पर उतरेंगी खरी
ख़ास बातें
छत्तीसगढ़, राजस्थान एवम् मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षाओं में भी आजमाई किस्मत
बीबीए एलएलबी-ऑनर्स पास आउट के बाद जुट गई थी ज्यूडिशरी की तैयारी में
2024 और 2025 की यूजीसी-नेट परीक्षाओं में असिस्टेंट प्रोफेसर को किया क्वालिफाई
गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान छह माह तक की टीचिंग भी
टीएमयू के कक्षा-नोट्स और शिक्षकों की टीचिंग तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुईं
न्याय व्यवस्था को और संवेदनशील, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने पर रहेगा जोर
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ की झोली में एक बड़ी उपलब्धि आई है। लॉ कॉलेज की एल्युमिना सुश्री अमिता जैन ने गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में सिविल जज बनकर टीएमयू का नाम गौरवान्वित किया है। गुजरात हाईकोर्ट की ओर से जारी सूची में अमिता जैन ने पूरे सूबे में 06वीं रैंक हासिल की है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि से लॉ कॉलेज के संग-संग यूनिवर्सिटी कैंपस में गर्व का माहौल है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील निवासी अमिता जैन 2017 से 2022 तक टीएमयू के लॉ कॉलेज से बीबीए एलएलबी-ऑनर्स की स्टुडेंट्स रही हैं। टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने एल्युमिना अमिता जैन को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई देते हुए उम्मीद जताई, अमिता जैन भविष्य में न्यायिक सेवाओं की कसौटी पर खरी उतरेंगी। उनकी उपलब्धि वर्तमान स्टुडेंट्स के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उल्लेखनीय है, टीएमयू में एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स के संग-संग बीबीए-एलएलबी, बीकॉम-एलएलबी की कक्षाएं संचालित होती हैं। कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ में एलएलएम और पीएचडी की भी सुविधा है। इस सत्र से नए श्रम कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित और प्राचार्य प्रो. एसके सिंह ने अमिता जैन के स्वर्णिम भविष्य की कामना की है।
मई 2022 में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ से स्नातक होने के बाद न्यायिक सेवा की तैयारी में जुट गई। 2023 में पहली बार छत्तीसगढ़ न्यायिक सेवा परीक्षा दी, लेकिन उत्तीर्ण नहीं कर सकी। 2023 में ही छत्तीसगढ़ न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद साक्षात्कार के चरण तक पहुँची। राजस्थान एवम् मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षाओं में भी किस्मत आजमाई, किन्तु प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सकी। इनके अतिरिक्त, 2024 और 2025 की यूजीसी-नेट परीक्षाओं का पॉजिटिव रिजल्ट मेरी झोली में रहा। मध्य प्रदेश न्यायिक अनुवादक और राजस्थान जेएलओ परीक्षाओं में शिरकत की, जिन्होंने विधिक ज्ञान और समझ को और अधिक सुदृढ़ बनाया। 2025 में गुजरात न्यायिक सेवा प्रारम्भिक परीक्षा दी। गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान मैंने लगभग छह माह तक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया, क्योंकि मैं दो बार की नेट क्वालिफाई थी। न्यायिक सेवा की तैयारी एक लंबी और धैर्यपूर्ण यात्रा रही, जिसमें सफलता के साथ-साथ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण ने लक्ष्य प्राप्ति को प्रेरित किया।
अमिता कहती हैं, टीएमयू के लॉ कॉलेज के टाइम से ही न्यायिक सेवा में जाने का स्पष्ट लक्ष्य था। टीएमयू की फैकल्टीज़, लाइब्रेरी, अतिथि व्याख्यान, केस स्टडीज़, कोर्ट्स विजिट्स, मूट कोर्ट मेरे अब तक के जीवन में मील का पत्थर साबित हुए। कॉलेज के कक्षा-नोट्स और शिक्षकों की टीचिंग तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुईं। नियमित अध्ययन, कक्षा में सक्रिय सहभागिता और शिक्षकों से प्राप्त मार्गदर्शन ने मेरी मजबूत नींव रखी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई बार मानसिक दबाव सा महसूस किया, लेकिन मेरे परिवार और मित्रों का अटूट विश्वास मेरे लिए शक्ति का स्रोत बना रहा। एक न्यायाधीश के रूप में मेरी सर्वाेच्च प्राथमिकता कानून एवम् उसके सिद्धांतों का पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन करना होगी। यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूँगी, न्यायालय में प्रत्येक व्यक्ति को निडर होकर अपनी बात रखने का उचित अवसर प्राप्त हो। न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में अपनी भूमिका का सर्वाेत्तम निर्वहन करना चाहूँगी। मेरा विश्वास है कि न्याय केवल दिया ही नहीं जाना चाहिए, बल्कि वह निष्पक्ष और स्पष्ट रूप से दिखाई भी देना चाहिए।
Budaun Amarprabhat