Breaking News

सूचना आयोग का बड़ा चाबुक: तीन जिलों के अफसरों पर लगा 25-25 हजार का जुर्माना

Spread the love

आरटीआई एक्ट के मखौल और भ्रामक रिपोर्ट पर राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त का कड़ा रुख
अलीगढ़ और औरैया के बीएसए तथा एटा के ग्राम विकास अधिकारी पर गिरी गाज, वेतन से कटेगी रकम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने, साशय भ्रामक सूचना देने और आयोग के आदेशों की निरंतर अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त ने अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए जनपद अलीगढ़ व औरैया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा एटा के एक ग्राम विकास अधिकारी पर 25-25 हजार रुपये का भारी अर्थदण्ड अधिरोपित किया है आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जुर्माने की यह राशि सीधे तौर पर दोषी अधिकारियों के वेतन से वसूल की जाएइस कड़े फैसले के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को भी सहयोग व वसूली अनुपालन हेतु आदेश की प्रतियां प्रेषित कर दी गई हैं

मामला 1: अलीगढ़— नोटिस के बाद भी गायब रहे बीएसए, लगा जुर्माना

शिकायतकर्ता: मोहम्मद शोएब अलीगढ़ के मामले में शिकायतकर्ता मोहम्मद शोएब ने 17 दिसंबर 2024 को आरटीआई के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सरकारी व निजी नर्सरी स्कूलों की सूची, फीस और वर्दी शुल्क के संबंध में जानकारी मांगी थी तत्कालीन बीएसए राकेश कुमार सिंह द्वारा समय सीमा के भीतर सूचना न दिए जाने पर मामला आयोग पहुँचाआयोग द्वारा वर्ष 2025 से लेकर अप्रैल 2026 तक लगातार कई कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद न तो कोई अधिकारी उपस्थित हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गयाइसे आदेश की अवहेलना मानते हुए आयोग ने तत्कालीन बीएसए राकेश कुमार सिंह पर 25,000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया

मामला 2: एटा— सरकारी हैण्डपम्प में समर्सिबिल का सच छिपाने पर वीडीओ नपे

अपीलार्थिनी: श्रीमती गीता देवी जनपद एटा के अलीगंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खुरसुलिया का यह मामला बेहद चौंकाने वाला है यहाँ की निवासी गीता देवी ने शिकायत की थी कि गांव में सरकारी इंडिया मार्का हैंडपम्प में दबंगों ने अवैध रूप से समर्सिबिल डालकर उसे निजी संपत्ति बना लिया हैइस पर वहाँ तैनात ग्राम विकास अधिकारी ध्यानपाल सिंह ने लेखपाल की आख्या का हवाला देते हुए आयोग को भ्रामक रिपोर्ट भेजी कि वह हैंडपम्प सरकारी नहीं हैहालांकि, जब मूल लेखपाल की आख्या जांची गई, तो उसमें स्पष्ट लिखा था कि ‘सरकारी हैंडपम्प में समर्सिबिल डालकर निजी उपयोग किया जा रहा है’आयोग ने वीडीओ ध्यानपाल सिंह को जानबूझकर असत्य और बहानेबाजी पूर्ण सूचना देने का दोषी पाते हुए ₹25,000 के जुर्माने से दण्डित किया

मामला 3: औरैया— भ्रामक सूचना और देरी पर तीन बीएसए भुगतेंगे संयुक्त जुर्माना

शिकायतकर्ता: कुलदीप कुमार चतुर्वेदी औरैया जनपद में तो लापरवाही की हद पार हो गई, जहाँ जून 2022 में मांगी गई सूचना को एक साल बाद जुलाई 2023 में दिया गया और वह भी पूरी तरह भ्रामक थीशिकायतकर्ता ने स्वयं के सेवा संबंधी दस्तावेज मांगे थे, जिस पर विभाग ने गोपनीयता की धारा-8(1) का अनुचित हवाला देकर सूचना रोक दी थीइस मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस पूरी अवधि में तैनात रहे तीन अधिकारियों जी०एस० राजपूत, अनिल कुमार, संजीव कुमार पर संयुक्त रूप से ₹25,000 का जुर्माना लगाया हैआयोग ने आदेश दिया है कि इन तीनों अधिकारियों के वेतन से जुर्माने की एक-तिहाई राशि वसूल कर राजकोष में जमा कराई जाए

आयोग की दो टूक: “सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा-20 के तहत जनता को गुमराह करना या जानबूझकर अपूर्ण व असत्य सूचना देना सीधे तौर पर दण्डनीय अपराध है अफसरशाही अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती ।” — स्वतंत्र प्रकाश गुप्त, राज्य सूचना आयुक्त


Spread the love

About Budaun Amarprabhat

Check Also

TET अनिवार्यता के विरोध में गरजे शिक्षक, महासंघ ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

Spread the loveअखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बदायूँ में जोरदार प्रदर्शन …

error: Content is protected !!