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ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में उतरे बदायूँ के दस्तावेज लेखक, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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अन्याय हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रलेखकों ने कहा- नई व्यवस्था से बढ़ेगी बेरोजगारी और किसानों को होगी भारी दिक्कत

बदायूँ। उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन (उ.प्र.) के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को उप-निबंधक कार्यालय सदर बदायूँ के समस्त दस्तावेज लेखकों (प्रलेखकों) ने एकजुट होकर सरकार की नई व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रलेखकों ने ‘ई-पंजीकरण प्रणाली 2024’ के विरोध में कड़ा आक्रोश जताते हुए सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) के माध्यम से मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ज्ञानानंद पाण्डेय (बंगाली बाबू) ने दो टूक शब्दों में कहा कि समस्त दस्तावेज लेखक परिवार इस नई प्रणाली का पुरजोर विरोध करता है। वहीं, प्रलेखक भारत भूषण पाराशरी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने हमारी जायज बात नहीं सुनी, तो समूचे उत्तर प्रदेश में दस्तावेज लेखकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा और बेरोजगारी अत्यधिक बढ़ जाएगी।
वरिष्ठ प्रलेखक कौशलानन्द पाण्डेय ने कहा कि सरकार की इस नई कार्यप्रणाली से देश और क्षेत्र के किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। दस्तावेज लेखक जोगेन्द्र सिंह शाक्य ने मांग की कि सरकार ई-पंजीकरण प्रणाली 2024 को लेकर अपनी मंशा पूरी तरह से साफ करे और प्रलेखकों को आश्वस्त करे कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक पाण्डेय ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रणाली से प्रलेखक समाज के हितों पर सीधा कुठाराघात हो रहा है। हम सब इसका पुरजोर विरोध करते हैं और अगर हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह शांतिपूर्ण विरोध एक उग्र आंदोलन का रूप अख्तियार कर सकता है।
दस्तावेज लेखकों का यह ज्ञापन सहायक महानिरीक्षक निबंधन सी.बी. मौर्य ने उप-निबंधक सदर प्रथम सैय्यद नदीम राजा व उप-निबंधक द्वितीय मोहम्मद वसीम अंसारी की मौजूदगी में स्वीकार किया। अधिकारियों ने प्रलेखकों की बात को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से रवीन्द्र गुप्ता, दीपक सक्सेना, संजय शर्मा, अशोक सक्सेना, मुकेश बाबू, विशेष यादव, हितेन्द्र सिंह, राकेश पाण्डेय, उमेश कश्यप, अमित कश्यप, प्रमोद दीक्षित, प्रदीप यादव, महेन्द्र पाल, शहंशाह आलम, प्रदीप शर्मा, हफीज भाई, रामनाथ पाल, कुसुम यादव, हसीब, अजय सागर, चेतन कुमार सिंह, सतीश चन्द्र सिंह, धीरज शंखधार, संजीव सक्सेना, गुड्डू प्रजापति, विपिन शंखधार, गौरव शर्मा, अंकित पाण्डेय, दिलीप सक्सेना, देवेश कुमार सिंह, राजकुमार पाण्डेय, राहुल यादव, अमित चतुर्वेदी, रूपेन्द्र राठौर, महिपाल, राज यादव, अशोक कुमार सिंह, प्रमोद सक्सेना, दीपू, भगवान दास, यतेन्द्र बंसल, आर्येन्द्र शर्मा, संजय यादव, सुजीत शंखधार, संतोष श्रीवास्तव एवं रोहित यादव सहित भारी संख्या में दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे।


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