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*MouthUlcers*
*मुंह के छाले*
एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या। खाना खाते समय जलन, बात करते वक्त असहजता, और कभी-कभी नींद तक हराम कर देने वाला दर्द।
आयुर्वेद में इस असुविधा को “मुखपाक” या “मुख दाह” कहा गया है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इस तकलीफ का इलाज हमारी रसोई और औषधियों में छिपा है।
*क्या हैं मुंह के छाले?*
मुंह के छाले यानी माउथ अल्सर ये होंठों के अंदर, जीभ के किनारों या गालों की अंदरूनी सतह पर दर्दभरे, सफेद या पीले रंग के छोटे घाव होते हैं।
छोटे दिखने वाले ये छाले कई बार गंभीर दर्द और असहजता का कारण बन सकते हैं।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार, मुंह में छाले पित्त दोष के असंतुलन के कारण होते हैं।
जब शरीर में पित्त अधिक हो जाता है, विशेष रूप से गर्म और तीखे आहार के कारण, तब यह ‘मुखपाक’ के रूप में बाहर निकलता है।
पित्तप्रधान दोष से उत्पन्न ज्वर, मुखदाह और मुखपाक में दग्ध रूप प्रकट होता है।” – चरक संहिता
*कारण*
छालों की जड़ें कहां हैं?
अत्यधिक मिर्च-मसाले वाला खाना
बार-बार गर्म चीजें खाना
पाचन तंत्र की कमजोरी
Vitamin B complex, Iron की कमी
नींद की कमी और मानसिक तनाव
अधिक दवाओं का सेवन (एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड)
अधिक धूप में रहना या अधिक गर्मी सहना
कब्ज और अपच
लक्षण
सफेद/पीले घाव
जलन और चुभन
बोलने और खाने में तकलीफ
मुंह सूखना
बदबू आना
आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू नुस्खे
1 त्रिफला चूर्ण कुल्ला
कैसे करें
1 चम्मच त्रिफला को 1 गिलास गर्म पानी में उबालें, छानकर ठंडा करें और दिन में 3 बार कुल्ला करें।
*लाभ*
पाचन दुरुस्त करता है, मुंह के ज़ख्मों को ठीक करता है।
2 मुलेठी का लेप
कैसे करें
मुलेठी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर छालों पर लगाएं।
*लाभ*
सूजन कम करता है, जलन शांत करता है।
3 घृतकुमारी (एलोवेरा) रस
कैसे करें
1 चम्मच शुद्ध एलोवेरा रस सुबह खाली पेट और छालों पर सीधा भी लगाया जा सकता है।
*लाभ*
ठंडक देता है, आंतरिक पित्त को शांत करता है।
4 गाय का घी
कैसे करें
गाय का देशी घी छालों पर लगाएं और हल्का-सा मुंह में रखें।
लाभ
शीतल गुण से आराम मिलता है।
5 नारियल तेल से कुल्ला
कैसे करें
1 चम्मच नारियल तेल को मुंह में घुमाएं (ऑयल पुलिंग)
लाभ: बैक्टीरिया हटाता है, घावों को ठीक करता है।
6 कटी हुई कच्ची धनिया
कैसे करें
धनिया के बीज उबालकर पानी से गरारा करें
👉 *लाभ*
ठंडक, एंटीसेप्टिक और पाचन सुधारक
*योग और प्राणायाम*
मानसिक तनाव, नींद की कमी और अपच छालों के मूल कारण हैं।
इन समस्याओं को दूर करने के लिए नीचे दिए गए योग अभ्यास अत्यंत लाभकारी हैं
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम
वज्रासन (भोजन के बाद)
शवासन (तनाव मुक्ति हेतु)
*क्या खाएं और क्या न खाएं?*
👉 *करे*
*ठंडा दूध*
*सादा खिचड़ी*
*नारियल पानी*
*छाछ (बिना मसाले के)*
*पके हुए फल (सेब, केला)*
👉 *न करें*
*मिर्च-मसाले*
*खट्टे फल (नींबू, संतरा)*
*चाय, कॉफी*
*बेकरी उत्पाद*
*तंबाकू और शराब*
आधुनिक विज्ञान की मान्यता
विज्ञान भी मानता है कि मुंह के छाले
Vitamin B12, Iron, Folate की कमी से होते हैं
आयुर्वेदिक औषधियों जैसे मुलेठी, त्रिफला, एलोवेरा में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं
घी, नारियल तेल और तुलसी-शहद मुंह के लिए प्राकृतिक मरहम हैं
*निष्कर्ष*
मुंह के छाले छोटे लगते हैं पर तकलीफ बड़ी देते हैं। इन्हें अनदेखा करने के बजाय आयुर्वेद की शरण में जाएं।
“जब पाचन ठीक, नींद पूरी, और आहार सत्विक हो – तब छाले नहीं होंगे। और यदि हों, तो प्राकृतिक चिकित्सा से ही समाधान पाएं।”
मुंह के छाले – दवा कम, दिशा ज्यादा मांगते हैं। जीवनशैली और आहार में बदलाव लाकर इस समस्या को जड़ से समाप्त करें।
Budaun Amarprabhat