*बिजली संकट पर आम आदमी पार्टी का सरकार पर हल्ला बोल
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👉 *अगर कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते’ :सभाजीत सिंह*
👉 *योगी राज में इलाज किस्मत से और लाश रिश्वत से मिल रही है : वंशराज दुबे*
👉 *आई सी यू में पड़ी है उत्तर प्रदेश की स्वास्थ व्यवस्था: वंशराज दुबे*
*लखनऊ*। उत्तर प्रदेश में बिजली के दामों में वृद्धि के प्रस्ताव, बिजली कटौती और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर आम आदमी पार्टी ने योगी सरकार को घेरा, कहा आंदोलन के जरिए बिजली के दामों में वृद्धि के प्रस्ताव को वापस लेने पर सरकार को करेंगे मजबूर।
आज उत्तर प्रदेश के आप कार्यालय, लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने कल पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आम जनमानस के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती का आलम यह है की शहर से लेकर गांव तक और ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सभी जगह पर बिजली कटौती हो रही है। एक-एक दिन में 10-10 बार बिजली काटने से आम जनता परेशान है और अस्पतालों में बिजली काटने से लोगों की जान जा रही है।
सभाजीत सिंह ने बिजनौर मेडिकल कॉलेज में 26 साल के एक जवान लड़के की बिजली कटौती के चलते हुई मौत का हवाला देते हुए कहा कि एक मां अस्पताल कर्मियों से लगातार यह गुहार लगाती रही की जनरेटर चला दो नहीं तो मेरा बेटा मर जाएगा, लेकिन तेल न होने के कारण जनरेटर नहीं चलाया गया और एक मां का 26 साल का नौजवान बेटा बिजली कटौती के चलते दम तोड़ गया। उन्होंने कहा कि फर्रुखाबाद में टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर दवाई लिख रहा है, हापुड़ के जिला अस्पताल में महिला को मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराया जाता है।
पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर त्राहिमाम मचा हुआ है, बजाए इस समस्या को हल करने के, उत्तर प्रदेश का पावर कॉरपोरेशन बिजली के दामों में वृद्धि करके आम जनता की जेब में डाका डालने का काम कर रहा है।
निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती के बाद भी प्रदेश की जनता को दोहरी मार देते हुए सरकार प्रति किलोवाट का चार्ज बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में ₹90 प्रति किलो वाट का चार्ज निश्चित है, लेकिन इस नए प्रस्ताव में अब डेढ़ सौ रुपए देना पड़ेगा। शहर में जो प्रति किलो वाट का 110 रुपए का चार्ज है, अब प्रदेश की जनता को उसका ₹190 देना पड़ेगा।
सभाजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन द्वारा वृद्धि का प्रस्ताव लागू हुआ तो प्रदेश की गरीब जनता बिजली से ही वंचित हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार बिजली के दामों में वृद्धि का यह प्रस्ताव वापस नहीं लेती है और बिजली कटौती को खत्म नहीं करती, तो आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से बिजली कटौती और बिजली के दामों में वृद्धि के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने राहत इंदौरी साहब का एक शेर पढ़ते हुए का की “ये कुर्सी है जनाजा तो नहीं, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते”।
इस मौके पर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की बदहाली पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य सिस्टम आज स्वयं आईसीयू में पड़ा है और उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार फोटोशूट में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है, लेकिन सरकार के कान में जूं तक नहीं रह रही है। अभी कुछ दिन पहले बदायूं के जिला अस्पताल में वेंटिलेटर ना मिलने के कारण एक ही दिन में चार नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी, चौंकाने वाली बात यह है की बदायूं के इस अस्पताल से वेंटीलेटर के अभाव में हर माह 30 से 40 बच्चों की मौत होती है। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को प्रेस वार्ता के जरिए कई बार उठाने का प्रयास किया लेकिन सरकार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने कहा कि अभी फतेहपुर से आई खबर जहां एक बाप अपने मासूम बच्चे को गोदी में लेकर भागता रहा, चिल्लाता रहा कि मेरे बच्चे को ऑक्सीजन दे दीजिए अन्यथा वह मर जाएगा, लेकिन सरकार और उसके स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता देखिए की उस गरीब और असहाय बाप की गुहार को सबने नजरअंदाज कर दिया और ऑक्सीजन के अभाव में उस बच्चों की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार बड़े-बड़े मंचों से लफ्जियां करती है, अखबारों में इश्तहार देती है, लेकिन हकीकत दरअसल बहुत भयावह है।
मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार में डॉक्टर मरीजों की सेवा में नहीं, बल्कि दारू की व्यवस्था में मस्त है।
उन्होंने कहा कि ललितपुर के सीएचसी में घायल मरीज इलाज के लिए पहुंचता है, 2 घंटे तक अपने इलाज की गुहार लगाता है, लेकिन नशे में धुत्त बेहोश डॉक्टर के न पहुंचने पर उसकी मौत हो जाती है। योगी आदित्यनाथ सरकार की संवेदनहीनता की सारी हदें तो तब पार हो जाती हैं जब वह डॉक्टर कहता है कि मरीज़ अगर मर गया तो मैं क्या करूं! भाजपा और योगी आदित्यनाथ की सरकार में प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग खुद वेंटीलेटर पर दम तोड़ रहा है और सरकार इस पर मौन साधे बैठी है।
वंशराज दुबे ने कहा कि योगीराज में इलाज किस्मत से और लाशें रिश्वत से मिलती हैं। प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में स्वास्थ्य विभाग का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है, जहां पोस्टमार्टम के लिए लाई गई लाशों को पाने के लिए ₹2000 जमा करने होंगे, उसके बाद आपको अपने रिश्तेदार का शव मिलेगा। देश के प्रधानमंत्री किसी विदेशी का अंगूठा कट जाने पर तो टिप्पणी करते हैं, लेकिन अपने देश के अपने ही संसदीय क्षेत्र में ऐसे मामले पर मौन साध लेते हैं।
मुख्य प्रवक्ता वंश राज दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में साढ़े आठ लाख करोड़ का बजट है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महज़ 6% खर्च किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एक्सरे मशीन, एमआरआई मशीन, आईसीयू और वेंटीलेटर सिर्फ और सिर्फ आंकड़ों और अखबारों की हैडलाइन में है।
उन्होंने बताया कि 2019 से वाराणसी में एक करोड़ की लागत से एमआरआई भवन बना, लेकिन 6 साल हो गए अभी तक उसका उद्घाटन तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनहित के मुद्दों पर लगातार सरकार से सवाल करती रहेगी, और इसके लिए सरकार की जिम्मेदारी तय कराना, आम आदमी पार्टी की जिम्मेदारी है और हम उस काम को निश्चित तौर पर करते रहेंगे।
इस मौके पर अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि आजादी के बाद से उत्तर प्रदेश के अंदर शिक्षा और स्वास्थ्य से नफरत करने वाली अगर कोई सरकार आई है, तो वह बीजेपी और योगी आदित्यनाथ की सरकार है।
उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी, सांसद संजय सिंह के आवाहन पर महीने में एक बार हर जिले में सेवा का कार्य करती है, जिसके तहत 15 जून दिन रविवार को बाराबंकी के मसौली में आप कार्यकर्ताओं द्वारा मसौली के आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया गया तो प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था की चौका देने वाली हकीकत सामने आई।
मसौली के आरोग्य मंदिर में खड़ी पांच एम्बुलेंस की हालत किसानों की जर्जर हो चुकी बैलगाड़ियों से भी ज्यादा बदतर थी, मरीज को भर्ती किए जाने वाले वार्डों में कुत्ते बैठे हुए थे साथ ही वहां छह फुट तक घास उगी हुई थी।
अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने बताया कि मरीज के लिए बनाए गए शौचालय में मिट्टी और कूड़ा भरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब इस खबर को मीडिया के द्वारा चलाया गया तो खबर के असर के रूप में बीते 18 तारीख़ को बाराबंकी के जिलाधिकारी महोदय ने एसडीएम और चिकित्सा अधिकारी के साथ तमाम ब्लॉकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर निरीक्षण किया तो पाया कि मरीजों को बिना दवा दिए भगाकर, प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा लेने को मजबूर किया जा रहा है।
अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि यह स्थिति कमोवेश हर जगह की है, स्वास्थ्य व्यवस्था के ऐसे बदतर हालत ललितपुर से लेकर श्रावस्ती तक और गाजियाबाद से लेकर बलिया तक है।
उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश के अंदर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बेहाल है और आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता महीने में एक बार अपने सेवा कार्य के माध्यम से, इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर यहां की हकीकत को जनता के सामने लाने का काम करेंगे।
Budaun Amarprabhat