भारत विभाजन कारी शक्तियों को बेनकाब कर रही भाजपा सरकार – बीएल वर्मा ![]()
पीएम मोदी के रहते विभाजन कारी शक्तियां होंगी विफल – पूरन लाल लोधी
इंडिया गठबन्धन फिर दोहराना चाहता है भारत विभाजन – राजीव कुमार गुप्ता
बदायूं :- भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी बदायूं द्वारा बदायूं क्लब में भारत विभाजन पर आधारित प्रदर्शनी, संगोष्ठी और बदायूं क्लब से परशुराम चौक तक मौन जुलूस का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री, जिलाध्यक्ष ने भारत विभाजन के दंश से प्रभावित हरशरन कपूर, जगदीश लाल ग्रोवर, सरदार प्रेमसिंह, सरदार भगत सिंह, सुरेंद्र दुआ, इंद्रा अरोड़ा, सुमन कपूर, कृष्ण लाल, दर्शन लाल बत्रा, अशोक खुराना, परशुराम ग्रोवर, वीरेंद्र ढींगड़ा, डीके चड्डा को माला और शॉल पहनाकर सम्मानित किया।
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा भारत विभाजन विभीषिका से संदर्भित इतिहास हमें एक और सबक देता है यह सबक हमारे दलित, शोषित, भाई-बहनों के लिए बहुत प्रासंगिक है। पाकिस्तान परस्त सोच तब भी कट्टरपंथ की पोषक थी और आज भी कट्टरपंथ की पोषक है। यह इन उन जोगेंद्र नाथ मंडल की भी ना हो सकी जिन्होंने बंगाल के भोले भाले दलितों में यह भ्रम फैलाया कि भारतीय दलितों की स्थिति गांधी के भारत से बेहतर जिन्ना के पाकिस्तान में बेहतर तरीके से हो सकेगी। आज हम इसके साक्षी हैं कि आज भारत में दलित और आदिवासी सर्वोच्च पदों पर आसीन है जैसे राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कानून मंत्री सहित अनेक सर्वोच्च पदों पर आसीन है। उन्होंने कहा भाजपा सरकार भारत विभाजन कारी शक्तियों को बेनकाब कर रही है।
पूर्व सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग पूरन लाल लोधी ने कहा पाकिस्तान परस्त सोच के कारण जोगेंद्र नाथ मंडल को एक ही वर्ष में कानून मंत्री का पद त्याग कर भारत वापस भागना पड़ा। जोगेंद्र नाथ मंडल जिन्होंने सन 1946 में बंगाल में हिंदुओं के विरुद्ध सुनयोजित कत्लेआम डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान पूरे बंगाल में घूमकर दलितों को मुसलमान के पक्ष में खड़ा करने की कोशिश की। इस पाक परस्त सोच ने जोगेंद्र नाथ मंडल और उनके साथ पाकिस्तान गए दलितों के साथ जो दुर्व्यवहार किया उससे हमें आज भी सबक लेने की आवश्यकता है। पीएम नरेंद्र मोदी के रहते सभी विभाजन कारी शक्तियां निश्चित विफल होंगी।
जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा भारत विभाजन के दौरान पाकिस्तान से आए जम्मू कश्मीर में रह रहे लगभग 2 लाख दलित भाई बहनों को 7 दशक से भी ज्यादा समय हो गया था। क्योंकि धारा 370 के आड़े आने के कारण इन लोगों को नागरिकता नहीं मिल पा रही थी जम्मू कश्मीर में ऐसा हो रहा था। दलितों के नाम पर राजनीति करने वाले दलों की सरकार है केंद्र और प्रदेश में रही। किंतु पाक पपरस्त सोच के आगे नतमस्तक इन दलों ने कभी इन दलित भाई बहनों की चिंता नहीं की। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय जाता है जिनके कारण 2 लाख दलितों को न केवल भारत की नागरिकता मिली बल्कि अभी जम्मू कश्मीर में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार वोट देने का अधिकार भी मिला। और कहा इंडिया गठबन्धन फिर भारत विभाजन दोहराना चाहता है इन्हें हर हाल में विफल करना है।
वरिष्ठ नेता दलित चिंतक अरविन्द बाल्मीकि ने कहा दलितों को गुमराह करने वाली ताकतें आज भी समाज में सक्रिय हैं और वह एक बार पुनः विभाजनकारी शक्तियों के हाथों में खेल रही हैं हम सबको इनसे सतर्क रहकर भारत को अखंड बनाए रखना है।
समाजसेवी अशोक खुराना ने कहा मुझे गर्व है ऐसे लोगों पर जिन्होंने भारत विभाजन में अपना बलिदान दे दिया लेकिन समाज पर आँच नहीं आने दी।
गोष्ठी का संचालन जिला प्रवक्ता शैलेंद्र मोहन शर्मा ने किया।
इस मौके पर पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल, समाजसेवी अशोक खुराना, सुमन कपूर, गुरदीप सिंह, वीरेंद्र धींगड़ा, शैलेश पाठक, आशीष शर्मा, संदीप चौहान, अचल शर्मा अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में विभाजन से विस्थापित परिवार उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat