आज प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन नगर क्षेत्र बदायूं में चल रहे “शारदीय नवरात्रों”में “मिशन शक्ति” के तहत दिनांक 27.9.2025 को सामान्य ज्ञान व विद्यालय से संबंधित 20 प्रश्नों की एक परीक्षा विद्यालय में कराई गई ।जिसमें कक्षा तीन, चार व पांच की बालिकाओं ने प्रतिभाग किया, जिसमें सर्वाधिक नंबर प्राप्त करने वाली कुमारी विनीता को एक दिवस के लिए सांकेतिक प्रधानाध्यापिका बनाया गया, व चार बालिकाएं सहयोगी के रूप में नियुक्त की गई। आज प्रार्थना स्थल पर परीक्षा परिणाम घोषित किया गया साथ ही बच्चों को प्रधानाध्यापिका महोदया द्वारा मिशन शक्ति के बारे में बताया गया। कुमारी विनीता को एक दिवसीय प्रधानाध्यापक बनने पर विद्यालय स्टाफ व बच्चों ने बधाई दी व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका महोदया श्रीमती प्रिया बंसल ने बुके भेंट कर कुमारी विनीता को प्रधानाध्यापिका की कुर्सी पर बैठाया, तालियों की गडगडाहट से प्रांगण गूंज उठा सहयोगी शालिनी सिंह ने बच्चों की उपस्थिति दर्ज की, प्रज्ञा व पल्लवी ने सूचना पटल पर बच्चों की संख्या दर्ज कर व भोजन माताओं को एमडीएम का दिशा निर्देश कर कक्षा कक्ष में पहुंचकर शिक्षण कार्य में तल्लीन हुईं कुमारी विनीता (आज की प्रधानाध्यापिका)द्वाराशालिनी कक्षा २ व दीक्षा गौतम कक्षा १ कुमारी पल्लवी कक्षा ३ कक्षा ४में कुमारी प्रज्ञा मौर्य कक्षा 5 में स्वयं शिक्षण कार्य किया इस कार्यक्रम से बच्चे बहुत उत्साहित नजर आए। मुस्कुराते हुए आज के लिए नियुक्त प्रधानाध्यापिका व सहयोगी अध्यापिकाओं के लिए मेम कहते नजर आए ।बच्चों द्वारा व्यक्त किए गए अनुभव…..
विनीता -(प्रधानाध्यापिका)मुझे बहुत अच्छा लगा साथ ही सीट पर बैठ कर जिम्मेदारियों का भी एहसास हुआ, स्टाफ व बच्चों में सामंजस्य कैसे हो इस को समझा साथ ही भविष्य में मैं प्रधानाध्यापिका बनना चाहूंगी।
शालिनी –
कक्षा में बच्चों को शांत रखना व पढ़ाना कठिन है, लेकिन किया जा सकता है। पल्लवी-
बहुत अच्छा लगा अंदर से गौरव की अनुभूति हो रही है, आज बहुत खुश हूं, प्रज्ञा मौर्य-
मैंबहुत खुश हूं, प्रधानाध्यापिका बनना चाह रही थी ,लेकिन परीक्षा में दो नंबर से पीछे रह गई इसका अफसोस है। लेकिन अब मैं प्रधानाध्यापक बनकर ही रहूंगी।
दीक्षा गौतम-
बच्चों द्वारा मेम शब्द सुनकर बहुत अच्छा लगा कोशिश करुंगी कि भविष्य में लोग मुझे मैम कहेंl
Budaun Amarprabhat