असत्य पर सत्य की जीत के साथ 2 अक्टूबर मनाया जाएगा विजयादशमी का महापर्व ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज
हिंदू धर्म में विजयादशी कहें या दशहरा महापर्व का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत से जुड़ा यह पावन पर्व इस साल 02 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा वैदिक ज्योतिष मान्यता के अनुसार विजयादशमी के दिन ही मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने लंकापति रावण का वध किया था। भगवान श्री राम के लंका विजय प्राप्त की इस दिन को सभी सनातन विजयादशमी पर्व के रूप में मनाते हैं। इस साल प्रभु श्री रामजी के द्वारा रावण का वध या फिर कहें रावण दहन कब और किस समय होगा। रावण दहन का शुभ मुहूर्त और इससे जुड़ी मान्यताओं को आइए विस्तार से जानते हैं।
विजयदशमी का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज के अनुसार इस साल आश्विन मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि 01 अक्टूबर 2025 की शाम को 07:01 बजे से प्रारंभ होकर 02 अक्टूबर 2025 को शाम 07:10 बजे तक रहेगी। हिंदू मान्यता के अनुसार रावण दहन प्रदोष काल में होता है। इस दिन सूर्यास्त शाम को 06:03 बजे होगा। ऐसे में सूर्यास्त से लेकर 07:10 बजे दशमी तिथि के समाप्त होने के बीच में रावण दहन किया जा सकेगा। इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 02:09 से लेकर 02:56 बजे तक रहेगा।
हर साल क्यों होता है रावण का दहन
हिंदू मान्यता के अनुसार दशानन रावण बुराई और अहंकार का प्रतीक है। जिसे वध करके भगवान राम ने दूर किया था। विजयादशमी के दिन इस परंपरा को दोहराने के पीछे मकसद लोगों तक इस संदेश को पहुंचाना है कि अधर्म, अन्याय, अत्याचार और अनैतिकता का अंत और अच्छाई और धर्म की विजय हमेशा होती है। रावण दहन से यह भी संदेश मिलता है कि आप कितने भी शक्तिशाली और गुणी क्यों न हों लेकिन अनीति और अधर्म के पथ पर चलना ही एक न एक दिन आपके अंत का कारण बनता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज
वैदिक ज्योतिष,वास्तु विशेषज्ञ
8864844441
Budaun Amarprabhat