फ्यूचर लीडर्स स्कूल में ‘शक्ति उत्सव’ की धूम: नौ देवियों के स्वरूपों ने किया स्कूल को भक्तिमय 
बदायूं रोड, मंगलवार: मंगलवार को बदायूं रोड स्थित फ्यूचर लीडर्स स्कूल में ‘शक्ति उत्सव’ के नाम से एक भव्य दुर्गा पूजा समारोह और कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस उत्सव ने स्कूल के वातावरण को भक्ति और प्रेरणा के दिव्य रंग में रंग दिया, जहाँ न केवल माँ दुर्गा की पूजा की गई बल्कि साक्षात नारी शक्ति के सम्मान का संदेश भी दिया गया।
नौ देवियों का अद्भुत सजीव चित्रण
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पल तब आया जब स्कूल की छात्राओं ने नवदुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों को धारण किया। स्कूल परिसर में जैसे ही शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायिनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के सजीव रूप दिखाई दिए, वहाँ का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
स्कूल डॉयरेक्टर वी.पी. सिंह ने इस अवसर पर कहा कि नवरात्रि के नौ दिन माँ दुर्गा स्वयं हमें अलग-अलग स्वरूपों में आकर वरदान देती हैं। यह आयोजन बच्चों को इन दिव्य स्वरूपों से जुड़े साहस, ज्ञान और शक्ति के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
कन्या पूजन: ‘देवी रूप’ में बच्चियों का सम्मान
नवरात्रि के पावन पर्व, अष्टमी के अवसर पर, एक भावुक कन्या पूजन समारोह आयोजित किया गया।
सम्मान और आदर: विद्यालय की नन्हीं कन्याओं को देवी दुर्गा के रूप में आदरपूर्वक आमंत्रित किया गया। शिक्षकों ने स्वयं मंत्रोच्चारण के बीच माँ दुर्गा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
भावपूर्ण अनुष्ठान: इसके बाद, सभी शिक्षकों, जिनमें जूनियर कॉर्डिनेटर परमेंद्र सिंह और प्राइमरी कॉर्डिनेटर केशव शर्मा सहित पूरा स्टाफ शामिल था, ने छोटी कन्याओं को तिलक लगाकर, चरणस्पर्श किया।
भोग और आशीष: कन्याओं को फल, फूल, दही और जलेबी का भोग लगाया गया तथा उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया। इस परंपरा ने छात्रों को समाज में महिलाओं और लड़कियों के प्रति गहरे सम्मान के महत्व को सिखाया।
स्कूल डॉयरेक्टर ने बताया कि इस ‘शक्ति उत्सव’ का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हुए, नारी शक्ति के महत्व को समझाना है।
इस भव्य आयोजन में प्री प्राइमरी कॉर्डिनेटर राखी गुप्ता सहित रूबी मौर्य, मुनीश शर्मा, आकांक्षा गौतम, प्रशांत सिंह, विशेष चौहान, दीक्षा वार्ष्णेय, साक्षी गुप्ता, रागिनी मिश्रा, ट्विंकल जैन, ऐश्वर्या माहेश्वरी, प्रीति श्रीवास्तव, प्रज्ञा वार्ष्णेय, पारस चंद्र, विश्वदीपक शर्मा (पी.टी.आई.) और अन्य सभी शिक्षक/शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे। उन्होंने मिलकर इस उत्सव को एकता, उत्साह और प्रेरणा से भरपूर बना दिया।
Budaun Amarprabhat