आज मिशन शक्ति 5.0 के अन्तर्गत तहसील सदर बदायूॅ में कार्यक्रम का आयोजन ए0डी0जे0 जिला जज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ कार्यक्रम का विषय बाल विवाह का न व शिक्षा को हाॅ पर प्रकाश डालते हुए सर्वप्रथम श्रीमती छवि वैश्य जिला मिशन समन्वयक द्वारा बताया गया कि बाल विवाह एक अभिशाप है जिसमें औपचारिकया अनौपचारिक विवाह या घरेलू साक्षीदारी शामिल होती है जिसमें 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति और एक वयस्क या अन्य बच्चा शमिल होता है बाल विवाह के उपरान्त उत्पन्न हो रही समस्यओं को बताया कि एक बच्ची जो मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर है जो अभी स्वंय के निर्णय लेने में सक्षम नही है उसके ऊपर पूरे परिवार की पूर्ण जिम्मेदारी सौप देना कहा तक उचित है। इसीलिये बच्चियों अगर कुछ गलत रास्ता अपना रही है तो उन्हे समझाये न कि विवाह कराके उसके जीवन को अंहकार में डाल दे। कशिस सक्सैना एल0ए0डी0सी0 द्वारा बाल विवाह के प्रतिपेठा अधिनियम के बारे में बताया व बाल विवाह करने पर क्या और कैसी सजा का प्रावधान है उसके बारे में विस्तारपूर्वक बताया, बाल विवाह समाज के लिए कैसे अभिशाप है ये कुरीतियो समाज को खोखला कर रही है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल विवाह पर विस्तृत जानकारी देते हुये बाल विवाह के दुष परिणामों के बारे में जानकारी दी गयी तथा बाल विवाह न करने की अपील की गयी। इस अवसर पर पूजा शर्मा तहसीलदार बदायूँ, महिला थानाध्यक्ष इत्यादि उपस्थित रहें।
Budaun Amarprabhat