बिसौली। आशीष रॉयल पार्क में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण – रुक्मिणी विवाह उत्सव मनाया गया। बरेली के आशीष रॉयल पार्क में चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के दौरान कथा व्यास पूज्य गुरु श्री प्रभु जी महाराज ने भक्तों को विवाह की कथा सुनाई, जिसे सुनकर भक्तगण आनंदित हो उठे। पूज्य गुरु श्री प्रभु जी महाराज ने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। प्रेम से वंशीभूत होकर भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी के संदेश को स्वीकार कर उन्हें अपनी पत्नी बनाने का निश्चय किया। महाराज ने बताया कि विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी श्रीकृष्ण से प्रेम करती थी और वह भी बिना देखे ही उन्हें अपना पति मान चुकी थी। छठवें दिन की में पूज्य गुरु श्री प्रभु जी महाराज ने श्रीकृष्ण की बाललीलाओं और कंस वध की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया। कथा के समापन पर भगवान श्री कृष्णा और रुक्मिणी के विवाह की अद्भुत झांकी निकाली गई, और विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्य यज्ञमान डा. मिथलेश वैश्य ने आरती की, और भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान भारी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।मुख्य यज्ञमान डा. मिथिलेश वैश्य, मनोज चौधरी, शिवानी चौधरी, चो. प्रेमवीर सिंह, शिल्पी चौधरी, श्याम सिंह राठौर, डा. आर.पी. यादव, डा. सुबोध दीक्षित, रूपेश मलिक, सतीश गंगवार, रमेश गंगवार, निरंजन अग्रवाल, नीरज रस्तोगी, प्रोफेसर सुनील शर्मा, प्रीति लवानिया, मंजू गंगवार, रोली यादव, रत्नेश गंगवार, अतुल मिश्रा, सुरेंद्र सिंह, सहगल साहब, प्रकाश गुरुजी एवं वृंदावन से पधारे शास्त्रीय संगीतकार आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat