वृंदा ने दिया विष्णु को पत्थर होने का श्राप, बने शालिग्राम
जालंधर वध का मंचन देख रोमांचित हुए दर्शक
बिल्सी। मोहल्ला संख्या छह में गौशाला रामलीला कमेटी की ओर आयोजित की जा रही रासलीला के मंच पर शुक्रवार की रात जालंधर वध की लीला का कलाकारों ने मंचन किया। वृंदावन से आए कलाकारों ने उक्त प्रसंग का सजीव मंचन प्रस्तुत किया तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। जब जालंधर अपनी शक्तियों के मद में चूर होकर त्रिदेव से ही लड़ने पर आमादा हो जाता है तो भगवान विष्णु लीला करके विश्व मोहिनी का अवतार करवाते हैं। इस सुंदरी का नाम वृंदा होता है और जालंधर से उसकी शादी होती है। भगवान विष्णु छल के द्वारा वृंदा का पतिव्रत भंग कर देते हैं और भगवान शंकर जालंधर का वध कर देते हैं। जब वृंदा को इस छल का पता चलता है, तो वह भगवान विष्णु को पत्थर होने का श्राप दे देती है। इससे क्रोधित होकर मां लक्ष्मी उसको जंगल की लकड़ी होने का श्राप देती हैं। श्राप के प्रभाव से जहां भगवान शालिग्राम होते हैं, वहीं वृंदा तुलसी के रूप में अवतरित होती है। तब से दोनों ही इसी रूप में पूजे जाते हैं। बिना तुलसी के शालिग्राम का भोग नहीं लगता है। इसके बाद परदा गिर जाता है। मंचन के दौरान विनोद पालावील, उमेश चंद्र गुप्ता, अजीत सिंह गूर्जर, संजीव वार्ष्णेय, विवेक राठी, जितेंद्र वार्ष्णेय, हरिओम राठौर आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat