संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं। यौमे आशूरा के अवसर पर बुधवार को शिया समुदाय का कदीमी जुलूस पूरे धार्मिक श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। शिया तंजीमुल मोमिनीन कमेटी और अंजुमन जुल्फ़ेकारे हैदरी के तत्वावधान में जुलूस कादरी गेट, चक्कर की सड़क से शुरू होकर शिया मस्जिद काजी हौज पर संपन्न हुआ।
जुलूस में शहर के विभिन्न ताजिया स्थलों से ताजियादार अपने-अपने ताजियों के साथ शामिल हुए। पूरे रास्ते या हुसैन की सदाओं, नौहाख्वानी और मातम के बीच श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। जुलूस में महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पानी और शरबत की सबीलें लगाई गईं।
जुलूस शुरू होने से पहले मौलाना सैफ अली जैदी और शिया तंजीमुल मोमिनीन कमेटी के अध्यक्ष अनवर आलम ने करबला की घटना और इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डाला। इसके बाद शाने हसन, मुर्तज़ा जैदी और कम्बर रज़ा ने कलाम पेश किए। जुलूस का संचालन डॉ. एस.जी. अब्बास ने किया।
मार्ग में विभिन्न स्थानों पर रुककर नौहाख्वानी की गई, जिसमें अहसान रज़ा, आमिर अब्बास आब्दी, कैफी जैदी, कमर अब्बास, जुनैद अब्बास, मिनहाल जैदी और रज़ा जैदी सहित कई लोगों ने अपनी प्रस्तुति दी।
शिया मस्जिद काजी हौज पहुंचने पर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया तथा फातिहा पढ़ी गई। कार्यक्रम के समापन पर अंजुमन जुल्फ़ेकारे हैदरी के अध्यक्ष मोहसिन अब्बास जैदी और शिया तंजीमुल मोमिनीन कमेटी के सचिव जाबिर जैदी ने जुलूस के शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग के लिए प्रशासन और सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat