बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप वर्ष 2016 के हत्या के एक मामले में तीन दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार थाना हजरतपुर में वर्ष 2016 में दर्ज हत्या के मुकदमे की विवेचना तत्कालीन विवेचक निरीक्षक रविन्द्र कुमार वर्मा द्वारा पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत चिन्हित कर पुलिस और अभियोजन विभाग ने समन्वय के साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
सुनवाई के बाद रामविकास यादव, झब्बलू उर्फ दिलीप कुमार तथा छत्रपाल को हत्या से संबंधित आरोपों में दोषी ठहराया गया। माननीय एडीजे-09/एनडीपीएस कोर्ट, बदायूं ने तीनों को धारा 302/149 भादवि के तहत आजीवन सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा न्यायालय ने धारा 147 भादवि के तहत प्रत्येक दोषी को एक वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस विभाग ने बताया कि मामले में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार कांस्टेबल विनोद, विवेचक निरीक्षक रविन्द्र कुमार वर्मा तथा लोक अभियोजक अतुल कुमार सिंह की भूमिका सराहनीय रही।
नोट: यह समाचार न्यायालय द्वारा सुनाए गए निर्णय और पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।
Budaun Amarprabhat