संवाददाता गोविन्द देवल 
बदायूं। जनपद में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर दयनीय स्थिति में जीवन यापन कर रहे बेसहारा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन और महिला कल्याण विभाग द्वारा विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के जनहित याचिका संख्या 571/2024 में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में संचालित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की टीमों ने 24 दिसंबर 2025 से 15 जून 2026 तक जनपद के विभिन्न संवेदनशील एवं सार्वजनिक स्थानों पर कुल 15 रेस्क्यू अभियान चलाए। इन अभियानों के दौरान 3 जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जिनमें एक महिला और दो बालक शामिल हैं।
रेस्क्यू की गई मानसिक रूप से अविकसित महिला को तत्काल संरक्षण प्रदान करते हुए राजकीय महिला शरणालय एवं मानसिक रूप से अविकसित महिलाओं के प्रकोष्ठ, बरेली में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार और काउंसिलिंग कराई जा रही है।
वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा रेस्क्यू किए गए दो बच्चों के परिजनों का पता लगाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और दोनों बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों के सकुशल घर लौटने से परिजनों के चेहरों पर खुशी लौट आई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि निराश्रित, असहाय और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की रक्षा तथा उनका पुनर्वास विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा, महिला या बुजुर्ग लावारिस अथवा अत्यंत दयनीय अवस्था में दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल महिला कल्याण विभाग अथवा हेल्पलाइन नंबर 112, 181 और 1098 पर दें।
उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसे औचक निरीक्षण और रेस्क्यू अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा सके।
Budaun Amarprabhat