संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा के आवास पर बुधवार को 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की बरसी को काला दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रांतीय परिषद सदस्य विजयपाल सिंह ने कहा कि आज से 51 वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था तथा समाचार पत्रों और मीडिया पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।
भाजपा प्रांतीय परिषद सदस्य जितेंद्र कश्यप एडवोकेट ने बताया कि भाजपा के प्रथम जिलाध्यक्ष एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा आपातकाल के दौरान दो माह तक बदायूं जिला कारागार तथा 16 माह तक फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार में मीसा के तहत राजनीतिक बंदी के रूप में निरुद्ध रहे। उन्होंने कहा कि यह दिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को समर्पित है और उनके त्याग व बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी सेनानियों को नमन किया तथा उनके योगदान को याद किया।
इस अवसर पर भाजपा विभाग मीडिया प्रभारी संजीव पाराशरी, आपदा राहत सेवा विभाग के जिला संयोजक अजय शर्मा, अमन शर्मा एडवोकेट, राजेश बाबू शर्मा एडवोकेट, रविंद्र नाथ जोहरी एडवोकेट, हिमांशु गौरव एडवोकेट, पूर्व मंडल अध्यक्ष ठाकुर महेंद्र पाल सिंह, ओमप्रकाश कश्यप, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विराट दुबे सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat