बदायूं। गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर गुरु पूर्णिमा पर्व और ज्योति कलश रथ यात्रा के भव्य आयोजन को लेकर संगोष्ठी हुई। आगामी कार्यक्रमों की सफलता के लिए रणनीति तैयार की।
गायत्री शक्तिपीठ के संरक्षक महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि मनुष्य के श्रेष्ठ कर्म ही भाग्य को चमकाते हैं। युवा अपनी शक्ति और सामर्थ्य को पहचानें, राष्ट्रहित में अपना बहुमूल्य समय लगाएं।
गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्र नाथ शर्मा ने कहा कि गायत्री शक्तिपीठ पर 29 जुलाई को मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा पर्व और पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिला समन्वयक नरेंद्रपाल शर्मा ने बताया कि 100 वर्षों से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति, 2400 तीर्थों के जल-रज से युक्त ज्योति कलश, परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्तादी वर्ष और युग ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचार क्रांति अभियान को लेकर शांतिकुंज हरिद्वार से आई ज्योति कलश रथ यात्रा का शहर में भ्रमण कराया जाएगा। श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह पूजन और आरती की जाएगी। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को सुबह नौ बजे प्राचीन बिरुआबाड़ी मंदिर से यह ज्योति कलश रथ यात्रा पथिक चौक, टिकटगंज, लाल बहादुर शास्त्री चौक, खैराती चौक, नेहरू चौक, गोपी चौक, मथुरिया गेट, लालपुल होती हुई गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर पहुंचेगी। इसके लिए तैयारी कर ली गई है।
इस मौके पर राम कुमार सिंह फौजी, नत्थू लाल शर्मा, रामचंद्र प्रजापति, डा. सोहनपाल, दया शर्मा, पीसी शर्मा, मदन लाल झा, शिवंवदा सिंह, सीमा गुप्ता, शोभना, ब्रजकिशोर, मनोज मिश्रा आदि मौजूद रहे।
संचालन परिव्राजक सुमित कुकरेती, लेखराज ने संयुक्त रुप से किया।
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