बदायूँ: 23 सितम्बर। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वृक्षारोपण, नदियों के पुनरोद्धार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में विभिन्न कार्यदायी विभागों द्वारा कराए गए वृक्षारोपण के सापेक्ष जियो टैगिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। सीडीओ ने समस्त संबंधित विभागों को एक सप्ताह के अंदर शेष जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही वर्ष 2026-27 में कराए गए वृक्षारोपण के अन्तर्विभागीय सत्यापन कार्य की भी समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित विभागों को एक सप्ताह के अंदर सत्यापन कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वर्ष 2021, 2022 एवं 2023 में कराए गए वृक्षारोपण की थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग के लिए आदर्श स्थलों का चयन कर वर्षवार वांछित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिला गंगा समिति के अंतर्गत सोत नदी के पुनरोद्धार के संबंध में जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों के साथ परिचर्चा कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सोत नदी की सफाई, हॉट स्पॉट चिन्हांकन, खनन विभाग द्वारा नदी की खुदाई तथा वन विभाग द्वारा नदी की पटरी पर वृक्षारोपण सहित संबंधित कार्यों को चार सप्ताह के अंदर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए नदी के पुनरोद्धार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में सीडीओ द्वारा समस्त अधिशासी अधिकारियों के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 के संबंध में विस्तार से परिचर्चा की गई। इस दौरान नगरीय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में विकसित उत्तर प्रदेश एट दी रेट 2047 की परिकल्पना के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को लेकर भी चर्चा की गई।
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Budaun Amarprabhat