
सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। समाजवादी पार्टी द्वारा कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र का संगठनात्मक बूथ प्रभारी, सेक्टर प्रभारी, जोनल प्रभारी, विधानसभा कमेटी एवं पीडीए (PDA) कार्यकर्ता सम्मेलन पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष जोखन चौधरी ने की, जबकि मंच संचालन जिला प्रवक्ता एवं जिला सचिव अब्दुल कलाम सिद्दीकी द्वारा किया गया। सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल उपस्थित रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ का नारा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। भाजपा ने युवाओं को करोड़ों नौकरियों का सपना दिखाया और आम जनता के खातों में 15 लाख रुपये भेजने जैसे झूठे वादे किए। प्रदेश की जनता अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब महिलाओं को ₹20,000 देने के नाम पर फिर से नए झूठे वादों का जाल बुना जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा दौर में महंगाई और बेरोजगारी अपने चरम पर है तथा प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। चारों ओर अराजकता, भय का माहौल है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने आह्वान किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और बाबा साहब के संविधान को बचाने का निर्णायक संग्राम है।
उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर उसे ऐतिहासिक जीत दिलानी होगी। उन्होंने कहा कि नौजवानों, किसानों और बेरोजगारों के हक की बहाली तभी संभव है जब 2027 में अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। सरकार बनते ही युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार स्वतः खुल जाएंगे।
इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, डुमरियागंज विधायक सैयदा खातून, पूर्व सांसद आलोक तिवारी, पूर्व विधायक अनिल सिंह, पूर्व विधायक विजय पासवान, पूर्व विधायक अमर सिंह चौधरी, उग्रसेन प्रताप सिंह, मोनू दुबे, मोहम्मद जमील सिद्दीकी, बेचई यादव, अफसर रिजवी, विभा शुक्ला, कमाल अहमद खान, मणीन्द्र मिश्रा ‘मशाल’, कमरूज्जमा खान, जुबेदा चौधरी, रिंधु पासवान और महेश कनौजिया सहित हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat