बिसौली। परिषदीय शिक्षकों ने विद्यालयों को समायोजित किए जाने के विरोध में गुरुवार को विधायक आशुतोष मौर्या को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने विद्यालयों को मर्जर किए जाने के निर्देश को वापस लिए जाने की मांग की।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आहान पर विकास क्षेत्र बिसौली, आसफपुर, वजीरगंज एवं इस्लामनगर के शिक्षकों के साथ रसोईया, शिक्षामित्र, ग्राम प्रधान एवं एमसी अध्यक्षों ने बिसौली बीआरसी पर एकत्रित होकर सभा की उसके बाद विधायक आशुतोष मौर्या को उनके आवास पर पहुंचकर प्रधान अध्यापकों को सरप्लस संबंधी आदेश एवं विद्यालय मर्जर करने के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षक संघ के अध्यक्ष मधुकर शर्मा ने कहा कि सरकार का यह निर्देश प्रदेश के हजारों की संख्या में शिक्षक – शिक्षकाओं के पदों को समाप्त किए जाने की मंशा को दर्शाता है। मंत्री अनुज शर्मा ने कहा कि मर्जर प्रक्रिया द्वारा निर्धन और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से दूर किया जा रहा है। यह संविधान द्वारा प्रदत्त निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का हनन सिद्ध होगा। कोषाध्यक्ष शोभित यादव ने कहा की वर्तमान में चल रही मर्जर प्रक्रिया से जहां छात्रों से विद्यालय की दूरी अधिक होगी। वहीं हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त हो जाएगी। इस दौरान शैलेंद्र सिंह राघव, राघवेंद्र शर्मा, ओंकार सिंह, यतेंद्र शर्मा, कैलाश प्रकाश यादव, शशिकांत, अर्चना वार्ष्णेय, हरिश्चंद्र, विजेंद्र सिंह टीटू, रतीराम, दिनेश पाल, अब्दुल कादिर, सचिन शर्मा, महेंद्र पाल, सुबोध, महावीर सिंह, नौशाद अली, सरिता शर्मा, सीमा यादव, ज्योति प्रभा, मचिन मिश्रा, दीपक रस्तोगी, गोपाल माधव, उमेश कोहली, सौरभ शर्मा, अजीत सिंह, साहू सावेद्र आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat