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बच्चों को संस्कारी बनाना माता-पिता का मुख्य कर्तव्य : संजीव रूप

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बच्चों को संस्कारी बनाना माता-पिता का मुख्य कर्तव्य : संजीव रूप

बिल्सी के गांव गुधनी में हुआ आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी में प्रज्ञा यज्ञ मंदिर पर रविवार को आर्य समाज के तत्वावधान में साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। जिसमें पंडित प्रश्रय आर्य जय ने यहां यज्ञ संपन्न कराया। ईशा आर्य, कौशकी रानी, मोना आर्य ने वेद पाठ किया। वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि आधुनिकता के नाम पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। स्वतन्त्रता के नाम पर स्वच्छंदता को स्वीकार नही किया जा सकता। कोई भी समाज व राष्ट्र सभ्यता व संस्कृति के बल पर ही खड़ा है। दुःख की बात है कि राम कृष्ण के इस देश में सनातन सभ्यता तेजी से पतित होती जा रही है। लिविंग रिलेशन, विवाह में देरी, स्वेच्छा से बिना गुण कर्म स्वभाव में मिलाए प्रेम विवाह, फैशन के नाम पर नंगापन, फिल्मी रहन-सहन और खान पान इन सब के चलते सभ्यता और संस्कृति नष्ट हो रही है। नौजवान बच्चों का सोने जागने का समय भी बदल गया है। देर रात सोना, देर तक सोना स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उन्होंने कहा माता-पिता को चाहिए बच्चों पर बचपन से ही ध्यान दें तथा प्रयास करें कि गलत दोस्तों की संगत में पड़कर वे बिगड़ ना जाएं। बच्चों को संस्कारी बनाना ही माता-पिता का मुख्य कर्तव्य है। इस अवसर पर महिलाओं ने भजन गाए। इस मौके पर संतोष कुमारी, सुखबीर सिंह, अनुज कुमार सिंह, दुर्वेश सिंह, राकेश आर्य, सरोज देवी आदि मौजूद रहे।


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