बिल्सी में जैनियों ने मनाया श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक
बिल्सी। जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ का रविवार को मोक्ष कल्याणक महोत्सव जैन समाज द्वारा हर्षोल्लास से मनाया गया। इस उपलक्ष्य में जैन मंदिरों में इंद्रों द्वारा श्रीजी का अभिषेक कर शांतिधारा की गई। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर साहबगंज में आयोजित कार्यक्रम में दिगंबर जैन महासमिति के मंडलाध्यक्ष पीके जैन ने बताया कि भगवान श्रेयांसनाथ ने संसार के ऋतु परिवर्तन के चक्र को देखकर वैराग्य प्राप्त किया। जैन इतिहास में उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान और जैन दर्शन के पहले कार्य के लिए सम्मानित किया जाता है। जब उन्होंने भगवान ऋषभ देव को गन्ने के रस (इक्षु रस) की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में रक्षाबंधन पर्व का इतिहास हस्तिनापुर से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दिन हमें यह सीख मिलती है कि हमें आपस में प्रेम से रहने के साथ-साथ सधर्मी की सदैव रक्षा करनी चाहिए। जैन अनुयायियों द्वारा निर्वाण लाड्डू चढ़ाकर धर्म की रक्षा करने का संकल्प लिया। इस मौके पर अरविंद कुमार जैन, अनिल जैन, सोनू जैन, मोनू जैन, मानसी जैन, शालिनि जैन, ज्योति जैन, नीलम जैन, प्रियांश जैन, काशवी जैन आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat