श्री कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को ही— आचार्य राजेश कुमार शर्मा
श्री कृष्ण जन्माष्टमी कब हो यह संशय का विषय बन रहा है इस विषय पर अपनी राय रख रहे हैं आचार्य राजेश कुमार शर्मा श्री शर्मा कहते हैं कि विभिन्न पंचांगों का अध्ययन करने पर निष्कर्ष के तौर पर कह सकते हैं की जन्माष्टमी का पर्व 16 अगस्त को ही मानना सिद्ध प्रतीत होता है । श्री कृष्ण जन्माष्टमी के विषय में श्री शर्मा बताते हैं भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष के रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि को हुआ था, इस बार अष्टमी तिथि का प्रवेश 15 अगस्त की रात्रि 11:52 पर हो रहा है और समापन 16 अगस्त की रात्रि 9:36 पर हो रहा है इस आधार पर देखते हैं तो उदया तिथि प्रमुख हो जाती है इस कारण से श्री कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को ही मनाना श्रेष्ठ रहेगा, हालांकि रोहिणी नक्षत्र 16 अगस्त की रात्रि 4:40 से प्रारंभ हो रहा है ।
बन रहे हैं शुभ संयोग
इस बार जन्माष्टमी पर ग्रहों का बहुत शुभ संयोग बन रहा है बुध और सूर्य कर्क राशि में है इस तरह से 16 और 17 की रात्रि को सूर्य अपनी स्वराशि में आएंगे जहां पर उनकी युति केतु के साथ बन रही है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं शनि मीन राशि में है, बृहस्पति मिथुन राशि में विराजमान है, मिथुन राशि में ही शुक्र भी है, राहु, कुंभ राशि में केतु, सिंह राशि में है और मंगल कन्या राशि में विराजमान है जो की सभी राशियों के लिए श्रेष्ठता प्रदान कर रहे हैं। इसी के साथ अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग जिसके साथ में भरणी, कृतिका और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है।
कैसे करें पूजा
जन्माष्टमी पर ठाकुर जी को दूध, दही, घी, शहद, इत्र और गंगाजल से स्नान करना चाहिए। अच्छा रहेगा इसके बाद ठाकुर जी को पीले वस्त्र पहनाएं उनका आभूषण आदि से सिंगार करें और माखन मिश्री का भोग लगाएं ।बांसुरी उनके हाथ में अवश्य हो, इसके बाद उन्हें झूला झूलायें निश्चित ही इससे जीवन में सुख समृद्धि प्राप्त होती है।
Budaun Amarprabhat