बदायू इस संस्कृत महाविद्यालय वेदा मऊ वैदिक विद्यापीठ बदायूं में स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व को प्रातः काल विद्यालय के संस्थापक आचार्य वेद व्रत आर्य जी संरक्षण में राष्ट्र रक्षा यज्ञएवं मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलितकर कार्यक्रम प्रारंभ हुआ
इस शुभ अवसर पर विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया गया जिसको कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा उनकी प्रशंसा की गई तथा उनका उत्साह वर्धन किया गया अपने देश को स्वतंत्रता दिलाने वाले बल दानियों को याद किया गया इस शुभ अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता श्री शिव सिंह यादव जी ने स्वतंत्रता दिवस के बारे में विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए विद्यालय के व्याकरण विभाग अध्यक्ष आचार्य श्री सर्वेश कुमार गुप्त जी ने स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्ध धिक्कार है कि माध्यम से विस्तार से प्रकाश डाला और कहां से राष्ट्रीय एकता अखंडता एवं सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को हम लोग मजबूतबनाएं रखें संस्कृतमाध्यमिक विभाग के प्रधानाचार्य आचार्य श्री महेंद्र पाल सिंह यादव जी ने भी स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर अपने विचार प्रस्तुत कर देश के लिए अपने प्राणों को निछावर करने बाले बीरबल दानियों का याद किया विद्यालय के प्राचार्य श्री वेद मित्रआरयजीनेस्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताया तथा देश के लिए शहीद हुए देश भक्तों के जीवन से प्रेरित होकर उनके बारे में विस्तार से अपने विचार रखे स्वतंत्रता दिवस की शुभ अवसर पर
कार्यक्रम के अध्यक्ष संस्कृत के प्रकांड विद्वान श्री वेद व्रत आर्यजी ने शुभ अवसर पर राष्ट्रीय एकता अखंडता पंत निरपेक्षता एवं सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को मजबूत बनाने के लिए तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागी छात्र छात्राओं को विद्यालय की संस्थापक महोदय के कर कमलों द्वारा पारितोषिक दिया गयातथा उन्होंने अपना हम सभी को आशीर्वाद दिया कार्यक्रम में उपस्थित विद्यालय के प्रवक्ता आचार्य श्री शिव सिंहयादव सर्वेश कुमार गुप्ता श्रीमती अंकिता गुप्ता श्री महेंद्र पाल सिंह यादव सोमपाल सिंह पोयम बेबी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहेहै कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रवक्ता आचार्य श्री सर्वेश कुमार गुप्त जी ने किया इसके उपरांत शांति पाठ के बाद कार्यक्रम समापनकीघोषणा हुई
Budaun Amarprabhat