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गायत्री मंत्र हमें बुद्धिमान और चरित्रवान बनाता है : आचार्य रूप

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गायत्री मंत्र हमें बुद्धिमान और चरित्रवान बनाता है : आचार्य रूप

गुधनी में वेद कथा का चौथा दिन

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी में चल रही वेद कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय वेद कथाकार आचार्य संजीव रूप ने गायत्री मंत्र का अर्थ समझाते हुए कहा कि यह मंत्र मनुष्य को सदाचारी, परोपकारी, दानी, सेवा भावी,पवित्र बुद्धि वाला तथा चरित्रवान बनाता है। भगवान का प्यारा बनाता है। जो लोग कहते हैं स्त्रियों को गायत्री मंत्र नहीं गाना चाहिए वह लोग अंधकार में हैं और स्त्रियों को गायत्री के लाभ से वंचित करना चाहते हैं। उन्होंने गायत्री मंत्र का अर्थ बताते हुए कहा कि ओम का अर्थ परमात्मा है। भू: का अर्थ है सबसे प्यारा भुवः का अर्थ है दुखों को दूर करने वाला तथा स्वः का अर्थ होता है सुख देने वाला। परमात्मा हम सब का रक्षक है हमें हमेशा सुख देता है और हमारे दुखों को दूर करता है इसीलिए वह हम सब का सबसे प्यारा है। हमें भी परमात्मा की तरह दूसरों के दुखों को दूर करना तथा सुख देना चाहिए। ऐसा करने से हम सबके प्यारे बन जाते हैं। इससे पूर्व तृप्ति शास्त्री, प्रश्रय आर्य जय, कौशिकी आर्य ने सुंदर भजन सुनाएं। इस मौके पर मोना रानी, ज्योति रानी, धर्मेंद्र पाल, किशनपाल, बद्रीप्रसाद आर्य, राकेश आर्य, संतोष कुमारी, सुखवीर सिंह, विशेष कुमार, नेमपाल आर्य आदि मौजूद रहे।


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