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संस्कृत के प्रकांड विद्वान आचार्य वेद व्रत आर्य जी के संरक्षण में शिक्षक दिवस का पावन पर्व मनाया

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बदायूं संस्कृत महाविद्यालय बेदामऊ वैदिक विद्यापीठ बदायूं में विद्यालय के संस्थापक एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान आचार्य वेद व्रत आर्य जी के संरक्षण में शिक्षक दिवस का पावन पर्व मनाया गया स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति भारत रत्न से सुशोभित शिक्षाविद एवं दार्शनिक भारतीय संस्कृति के संवाहक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया इस शुभ अवसर पर गुरु की महत्व का प्रतिपादन करते हुए विद्यालय के साहित्य विभाग अध्यक्ष आचार्य शिव सिंह यादव जी ने कहा कि गुरु की कृपा से ही शिष्य अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ता है तथा अपने को तथा गुरु को गौरवनित करता है इस शुभ अवसर पर विद्यालय के व्याकरण विभाग अध्यक्ष आचार्य सर्वेश कुमार गुप्त जी ने अपने संबोधन के माध्यम से भारतीय संस्कृति के संवाहक गुरु शिष्य परंपरा को जोड़ते हुए कहा कि गुरु अपने शिष्यों को अवगुणों को दूर करके उनको गुणवान चरित्रवान एवं संयमी बनता है डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने अपना सारा जीवन एक शिक्षक के रूप में समर्पित कर दिया इस शुभ अवसर पर संस्कृत माध्यमिक विभाग के प्रधानाचार्य आचार्य महेंद्र पाल सिंह जी ने भी अपने विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया विद्यालय के प्राचार्य श्री वेद मित्र आर्य जी ने भारत रत्न प्राप्त एवं भारत के द्वितीय राष्ट्रपति दार्शनिक शिक्षाविद डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जीवन चरित्र के बारे में विस्तार से अपने विचारों को साझा किया तथा गुरु शिष्य परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए कहा उन्होंने आगे कहा कि गुरु ही समाज कापथ प्रदर्शक होता है क्योंकि गुरु की कृपा से ही व्यक्ति इस भवसागर से पर हो सकता है शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर विद्यालय के संस्थापक महोदय आचार्य श्री वेद व्रत आर्य जी ने भारत सरकार द्वारा सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित भारतीय संस्कृति के संवाहक शिक्षाविद विचारक भारत देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉक्टर श्री सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के बारे में विस्तार से अपने विचारों को रखा तथा कहा कि भारतीय संस्कृति और दर्शन के बारे में उनका गहन अध्ययन था उन्होंने उन्होंने कहा हम सभी शिक्षक तो है ही हमारा कर्तव्य है कि हम सभी गुरु शिष्य परंपरा को भली भात तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे तभी देश तथा समाज का कल्याण होगा बुजुर्गों का सम्मान करना भी परम आवश्यक है क्योंकि बुजुर्ग ही समाज के वास्तविक शिक्षक ही गुरु होते हैं क्योंकि वह हम सभी का पग पग पर मार्गदर्शन करते हैं उन्होंने इस अवसर पर हम सभी को अपना शुभ आशीर्वाद दिया तथा गुरु शिष्य परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए कहाकार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र छात्रछात्राएं उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रवक्ता आचार्य सर्वेश कुमार गुप्ता जी ने किया शांति पाठ के बाद शिक्षक दिवस समारोह संपन्न हुआ


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