Breaking News

भीलनी राम संवाद लीला”

Spread the love

भीलनी राम संवाद लीला”
थाना बिल्सी के ग्राम पिंडौल में कल रात्रि बड़े रोचक भावपूर्ण रूप से मंचन किया गया भीलनी, जिसका नाम शबरी था, भगवान राम के आने का सदियों से इंतजार करती थी और अंततः जब सीता जी की खोज करते-करते शबरी के आश्रम में राम आते हैं,तो वह उनका स्वागत करती है वह समझ नहीं पाती है मैं अपने राम जी के स्वागत में क्या-क्या करूं तो वह राम जी को जूठे बेर खिलाती है। यह प्रसंग भक्ति, प्रतीक्षा और समर्पण का प्रतीक है और रामलीला के विभिन्न प्रस्तुतियों में इसे एक मार्मिक दृश्य के रूप में मंचित किया गया
वनवास के दौरान भगवान राम और लक्ष्मण चित्रकूट में शबरी की कुटिया में जाते हैं।
शबरी ने अपना पूरा जीवन राम की भक्ति में बिताया था और वह उनके आने की प्रतीक्षा कर रही थी।
शबरी ने अपने सबसे अच्छे, जूठे बेर राम को खिलाए, क्योंकि वह खुद चखकर अच्छे बेर देख लेती थी और फिर बाकी बचे हुए बेर राम को दे देती थी। यह भगवान के प्रति असीम भक्ति और समर्पण को दर्शाता है।
भक्ति और श्रद्धा का एक शक्तिशाली संदेश देता है और रामलीला मंच पर दर्शकों के बीच भावुक करने वाले दृश्य के रूप में प्रस्तुत किया गया उधर रावण माता सीता को अशोक वाटिका में ठहरा देता है त्रिजटा जैसी राक्षसियो को पहरे में लगा देता है उसके बाद ऋषिमुख पर्वत पर हनुमान जी की पहली मुलाकात होती है हनुमान जी अपने प्रिय राम को पहचान लेते हैं और उनके चरणों में नजर पड़ते हैं और फिर वह सुग्रीव का सारा वृतांत बताते हैं तब राम सुग्रीव की मित्रता होती है और रामचंद्र जी बाली का वध करके किष्किंधा का राज्य सुग्रीव को देते हैं उसके बाद हनुमान जी सीता की खोज करनी के लिए लंका को जाते हैं आज रात्रि में लंका दहन लक्ष्मण शक्ति कुंभकरण वध लीला का मंचन किया जाएगा


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

टीएमयू के 120 श्रावक-श्राविकाएं माताजी के दर्शनार्थ अयोध्या रवाना

Spread the love ख़ास बातें श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में इन स्टुडेंट्स ने लिया था …

error: Content is protected !!