बदायूँ।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बदायूँ पुलिस की सशक्त पैरवी से नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को कड़ी सजा मिली है। स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बदायूँ ने आरोपी धर्मेंद्र मिश्रा उर्फ छोटू को आजीवन कारावास और कुल 61,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
2018 में दर्ज हुआ था मुकदमा
थाना दातागंज में वर्ष 2018 में मुकदमा संख्या 261/18 धारा 376, 504, 506 भादवि, 3/4 पॉक्सो एक्ट और 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी दातागंज सत्येंद्र कुमार सिंह ने पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
पुलिस ने की मजबूत पैरवी
मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत चिह्नित कर अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित किया गया। मॉनिटरिंग सेल बदायूँ, पैरोकार हेड कांस्टेबल प्रेमपाल सिंह, कांस्टेबल मोनू (थाना दातागंज) ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अभियोजन की पूरी कार्यवाही समयबद्ध और मजबूत तरीके से संपन्न कराई गई।
न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा
स्पेशल पॉक्सो कोर्ट, बदायूँ ने 14 नवंबर 2025 को निर्णय सुनाते हुए—
धारा 4(1) पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50,000 रुपये अर्थदंड,
धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड,
धारा 506 भादवि में 1 वर्ष का कठोर कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड न अदा करने पर अलग-अलग अवधियों का अतिरिक्त साधारण कारावास भी निर्धारित किया गया है। निर्णय के अनुसार अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
न्यायालय आदेशानुसार, आरोपी की सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी और कारागार में पूर्व में बिताई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस प्रकरण में पैरवीकर्ता पुलिस कर्मियों—हेड कांस्टेबल प्रेमपाल सिंह, कांस्टेबल मोनू, लोक अभियोजक अमोल जौहरी, तथा विवेचक तत्कालीन क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह के कार्य को सराहनीय बताया गया है।
— अमर प्रभात प्रतिनिधि
Budaun Amarprabhat