Breaking News

स्काउट–गाइड शिविर में अनुशासन, साहस और सेवा भाव का प्रशिक्षण

Spread the love

बदायूं। भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्वावधान में कृषि इंटर कॉलेज अलीगंज चौकी, मुजरिया में आयोजित स्काउट–गाइड प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन अनुशासन, साहस और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण देखने को मिला। शिविर में बच्चों एवं शिक्षकों ने खोज के चिन्हों की सहायता से ऐतिहासिक, धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों की हाईक कर व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक चिकित्सा, विभिन्न प्रकार की गांठें एवं बंधन, तंबू निर्माण, गैजेट्स का प्रयोग, आपदा व युद्ध जैसी परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने तथा आमजन को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही क्या करें और क्या न करें, इस पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया।

पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि युवा आपातकालीन परिस्थितियों में धैर्य न खोएं और साहस से काम लें। स्वयं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से तैयार रखें तथा आवश्यक वस्तुएं हमेशा साथ रखें। उन्होंने बताया कि सायरन बजने पर घर के अंदर रहें, लाइट बंद रखें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। मोबाइल फोन चार्ज रखें और मॉक ड्रिल का नियमित अभ्यास करें। हवाई हमले या बमबारी की स्थिति में तुरंत जमीन पर लेटकर सिर ढकें और किसी मजबूत दीवार या वस्तु के पीछे शरण लें।

प्रधानाचार्य विजय पाल सिंह सोलंकी ने स्काउट ध्वज फहराते हुए कहा कि स्काउटिंग युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव जागृत करती है तथा कम संसाधनों में भी सुव्यवस्थित जीवन जीना सिखाती है। प्रबंधक सत्यपाल सिंह सोलंकी ने स्काउट–गाइड गतिविधियों को जीवनोपयोगी बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी हर परिस्थिति में आत्मनिर्भर बनते हैं।

शिविर में खोज के चिन्ह, आग में फंसे लोगों को निकालने, डूबते व्यक्ति को बचाने, टेंट एवं भोजन निर्माण के साथ-साथ डॉक्टरी गांठ, रीफ नॉट, शीट बैंड, फिशरमैन नॉट और चेयर नॉट का अभ्यास कराया गया। स्काउट शिक्षक अवधेश शर्मा एवं जया सिंह के नेतृत्व में स्काउट–गाइड द्वारा मॉक ड्रिल का अभ्यास भी किया गया। उन्होंने कहा कि अपनी और देश की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल का नियमित अभ्यास अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर अवधेश शर्मा, राजेंद्र कुमार वर्मा, ज्ञान प्रकाश, पुष्पेंद्र, उषा यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

संवाददाता: गोविंद देवल


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

टीएमयू में एआई-पावर्ड डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी पर गहन मंथन

Spread the love तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी में …

error: Content is protected !!